केरल: श्वेता मेनन ने एएमएमए से इस्तीफा दिया
केरल: श्वेता मेनन ने एएमएमए से इस्तीफा दिया
कोच्चि, 21 जून (भाषा) एएमएमए की अध्यक्ष श्वेता मेनन और उनके नेतृत्व वाली 17 सदस्यीय कार्यकारी समिति ने रविवार को इस्तीफा दे दिया।
हाल के महीनों में कई मुद्दों को लेकर ‘एसोसिएशन ऑफ मलयालम मूवी आर्टिस्ट्स’ (एएमएमए) के भीतर बढ़ते मतभेदों के बीच यह घटनाक्रम सामने आया है।
एएमएमए की आम सभा की बैठक के बाद ये इस्तीफे हुए। वार्षिक रिपोर्ट और लेखा विवरण के पारित होने को लेकर सदस्यों के बीच कथित तौर पर तीखी बहस हुई।
सदस्यों के एक वर्ग ने महासचिव कुकू परमेश्वरन द्वारा प्रस्तुत वार्षिक रिपोर्ट में शामिल आय और व्यय के विवरण में स्पष्टता की कमी का आरोप लगाया, जिससे तीखी नोकझोंक शुरू हो गई।
विवाद बढ़ने पर मेनन ने घोषणा की कि वह संगठन के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे रही हैं।
बाद में उन्होंने पत्रकारों को बताया कि उनके नेतृत्व वाली पूरी कार्यकारी समिति ने भी इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘कार्यकारी समिति के सभी सदस्यों ने इस्तीफा दे दिया है। मैंने अपनी सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है और संगठन से बाहर आ गई हूं।’’
मेनन ने कहा कि उन्होंने न केवल अध्यक्ष पद से, बल्कि एएमएमए की प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है और अब वह संगठन से किसी भी रूप में जुड़ी नहीं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि संगठन के कोषाध्यक्ष उपलब्ध नहीं थे और एक विशेष अवधि से संबंधित खातों को प्रस्तुत नहीं किया जा सका।
उन्होंने कहा, ‘‘संगठन के कोषाध्यक्ष गायब थे। जब एएमएमए के एक कर्मचारी को नौकरी से निकाला गया और बाद में उन्होंने शिकायत दर्ज कराई, तो उस मुद्दे पर कोई कार्रवाई नहीं की गई।’’
मेनन के अनुसार एक सितंबर से वर्तमान समिति द्वारा रखे गए खातों में कोई गड़बड़ी नहीं थी, लेकिन पिछली समिति के कार्यकाल से जुड़े कई मुद्दे अब भी अनसुलझे थे।
उन्होंने कहा, ‘‘एक सितंबर से आगे हमारे सभी खाते व्यवस्थित थे, लेकिन पहले की समिति से जुड़े कई मुद्दे थे।’’
उन्होंने कहा कि वह संगठन से संबंध समाप्त होने पर राहत महसूस कर रही हैं।
अभिनेत्री ने आरोप लगाया कि संगठन को फिर से उन व्यक्तियों के हाथों में सौंपने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिनके खिलाफ पहले भी आरोप लगाए जा चुके हैं, और उन्होंने अतीत में कुछ महिला सदस्यों द्वारा उठाई गई चिंताओं को दोहराया।
उन्होंने विस्तृत जानकारी दिये बिना आरोप लगाया, ‘‘संगठन को उन लोगों के हाथों में वापस सौंपने का प्रयास किया जा रहा है, जिनके खिलाफ आरोप लगाए गए हैं। यही एक एजेंडा था।’’
उन्होंने दावा किया कि कुछ सदस्यों पर कार्यकारी समिति के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने के लिए दबाव डाला गया था।
मेनन ने कहा, ‘‘बिना बताए हमें हटाने का एक एजेंडा था। मेरा अपना एक व्यक्तित्व है, और मैं अपनी बात खुलकर कहूंगी। अगर हम कठपुतली होते, तो हम इस संगठन को चला ही नहीं पाते। लेकिन मैं कठपुतली बनने के लिए तैयार नहीं हूं।’’
बैठक के बाद, अभिनेत्री मल्लिका सुकुमारन ने कहा कि कार्यकारी समिति ने भी कुछ गलतियां की थीं।
सुकुमारन ने कहा कि संगठन का नेतृत्व ऐसे लोगों के हाथ में होना चाहिए जो फिल्म उद्योग को समझते हों, सीखने के लिए तैयार हों और मुद्दों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने में सक्षम हों।
इन घटनाक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए, राज्य के संस्कृति एवं सिनेमा मंत्री पी. सी. विष्णुनाथ ने कहा कि यह संगठन का आंतरिक मामला है और इसमें सरकार के हस्तक्षेप का कोई कारण नहीं है।
उन्होंने तिरुवनंपुरम में मीडिया से कहा, ‘‘एएमएमए केरल के कई संगठनों में से एक है। भले ही इसके कुछ सदस्य विधायक या नेता हों, लेकिन जब वे इस संगठन में कार्य करते हैं, तो वे कलाकार ही होते हैं। उन्हें संगठन के भीतर अपने मुद्दों का समाधान स्वयं करने दें। ऐसे मामलों में सरकार के हस्तक्षेप की कोई आवश्यकता नहीं है।’’
भाषा
देवेंद्र दिलीप
दिलीप

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