केरल : गिरफ्तार यूट्यूबर पर अडूर थाने के बाहर हमला, मामला दर्ज

केरल : गिरफ्तार यूट्यूबर पर अडूर थाने के बाहर हमला, मामला दर्ज

केरल : गिरफ्तार यूट्यूबर पर अडूर थाने के बाहर हमला, मामला दर्ज
Modified Date: July 13, 2026 / 07:15 pm IST
Published Date: July 13, 2026 7:15 pm IST

पथनमथिट्टा (केरल), 13 जुलाई (भाषा) अडूर थाने के बाहर करीब 20 लोगों द्वारा एक यूट्यूबर पर कथित रूप से हमला किए जाने के बाद मामला दर्ज किया गया है। यह जानकारी सोमवार को अधिकारियों ने दी।

यूट्यूबर को कांग्रेस की जिला पंचायत सदस्य श्रीना देवी कुंजम्मा के खिलाफ सोशल मीडिया पर कथित रूप से मानहानिकारक सामग्री पोस्ट करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।

आरोपी राजन जोसेफ को कुंजम्मा (पूर्व में भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) की नेता) को निशाना बनाने वाले कथित मानहानिकारक वीडियो के सिलसिले में शनिवार रात गिरफ्तार किया गया था।

यह घटना उस समय हुई, जब गिरफ्तारी के बाद जोसेफ को पुलिस थाने लाया गया था।

पुलिस के अनुसार, करीब 20 अज्ञात लोगों के एक समूह ने जोसेफ को पुलिस वाहन से बाहर निकाले जाने के दौरान घेर लिया और कथित तौर पर उसकी पिटाई की। पुलिस ने हस्तक्षेप किया और काफी मशक्कत के बाद आरोपी को भीड़ से बचाकर थाने के अंदर ले गई।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी की सुरक्षा करने और स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश में कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें भी आईं।

पुलिस ने कहा कि हमले में शामिल लोगों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं और संदेह है कि वे युवा कांग्रेस से जुड़े हो सकते हैं।

जोसेफ की गिरफ्तारी कुंजम्मा की शिकायत पर की गई। उन्होंने सोमवार को संवाददाताओं से कहा कि इस तरह के वीडियो बनाने वालों को जनता की प्रतिक्रिया के लिए तैयार रहना चाहिए। उन्होंने कहा, ‘अगर ऐसा वीडियो बनाया गया है, तो यह स्वाभाविक है कि ऐसे लोग जब अडूर आएंगे, तो उनकी पिटाई हो सकती है। यह स्वाभाविक है।’

उन्होंने कहा, ‘इसके पीछे जो भी लोग हैं, अगर उनकी पिटाई हुई है, तो मैं इसे उनके कृत्यों का परिणाम मानती हूं।’

कुंजम्मा ने युवा कांग्रेस या केएसयू कार्यकर्ताओं के हमले में शामिल होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ऐसे दावे अनुचित हैं।

उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले साल सितंबर से जोसेफ और एक अन्य यूट्यूबर सिबी ने उन्हें निशाना बनाते हुए करीब 25 वीडियो अपलोड किए हैं। कुंजम्मा ने कहा, ‘उन्होंने 20 से 25 से अधिक वीडियो अपलोड किए, जिनमें से प्रत्येक 10 से 15 मिनट का था। इन वीडियो में लगातार चरित्र हनन किया गया। उन्होंने वह सब किया है, जो किसी महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने की व्यापक और संकीर्ण दोनों परिभाषाओं में आता है।’

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ पहला वीडियो उस समय अपलोड किया गया था, जब वह भाकपा में थीं और उन्होंने एक पार्टी नेता पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए थे।

उन्होंने यह भी कहा कि गिरफ्तारी से पहले वह कभी जोसेफ से नहीं मिली थीं।

उन्होंने कहा, ‘पहली बार मैंने उसे व्यक्तिगत रूप से उस रात अडूर थाने में देखा, जब उसे गिरफ्तार करके हवालात में रखा गया था। वह हवालात के फर्श पर बैठा था। जिंदगी में पहली बार मैंने उसे देखा। हो सकता है कि वह ऐसे रुख केवल कमाई के लिए अपना रहा हो या फिर किसी राजनीतिक दुश्मनी के कारण।’

कुंजम्मा ने इस मामले पर माकपा का रुख स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने इसी तरह से पहले माकपा नेताओं को निशाना बनाया था, जिसमें कन्नूर में पी. पी. दिव्या भी शामिल हैं और वहां एक मामला दर्ज किया गया था।

उन्होंने आरोप लगाया कि आरोपी ने माकपा नेताओं मोहम्मद रियास और एलामारम करीम के खिलाफ भी अत्यंत आपत्तिजनक वीडियो प्रसारित किया था।

उन्होंने कहा, ‘मैं चाहती हूं कि माकपा का प्रदेश और स्थानीय नेतृत्व इन यूट्यूबर के संबंध में अपना रुख स्पष्ट करे, क्योंकि अडूर टाउन स्थानीय समिति माकपा सचिव और अडूर क्षेत्र समिति के एक सदस्य आरोपी को जमानत दिलाने के लिए रविवार को अडूर थाने गए थे।’

भाषा अमित दिलीप

दिलीप


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