खरगे ने हरियाणा के दिवंगत आईपीएस अधिकारी की पत्नी को पत्र लिखा, न्याय की लड़ाई में समर्थन जताया

खरगे ने हरियाणा के दिवंगत आईपीएस अधिकारी की पत्नी को पत्र लिखा, न्याय की लड़ाई में समर्थन जताया

खरगे ने हरियाणा के दिवंगत आईपीएस अधिकारी की पत्नी को पत्र लिखा, न्याय की लड़ाई में समर्थन जताया
Modified Date: October 12, 2025 / 07:38 pm IST
Published Date: October 12, 2025 7:38 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अक्टूबर (भाषा) कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के दिवंगत अधिकारी वाई पूरण कुमार की पत्नी को पत्र लिखकर न्याय की उनकी लड़ाई के लिए अपना समर्थन जताया।

खरगे ने कहा कि हरियाणा के आईपीएस अधिकारी कुमार ने सामाजिक पूर्वाग्रहों और असमानताओं से जूझते हुए अपनी जान दे दी।

कुमार ने अपने वरिष्ठों पर जातिगत भेदभाव और उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मंगलवार को कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

अमनीत पी कुमार को लिखे पत्र में खरगे ने कहा, ‘‘यह शर्मनाक है कि हम संविधान द्वारा जिन लोगों को लोगों की पीड़ा, संकट और दर्द को कम करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उन्हें सशक्त बनाने में विफल रहे हैं।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि वह इस घटना से बेहद दुखी हैं और इसकी निंदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। उन्होंने अमनीत को भरोसा दिलाया कि दिवंगत आईपीएस अधिकारी द्वारा उठाए गए सवालों का निर्णायक निष्कर्ष निकाला जाएगा।

खरगे ने पत्र में कहा, ‘‘आपके पति, हरियाणा कैडर के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी एडीजीपी वाई पूरण कुमार जी ने सामाजिक पूर्वाग्रहों और विषमताओं से जूझते हुए अपना जीवन समाप्त कर दिया। इस घटना ने मेरे दिल को बहुत ठेस पहुंचाई है।’’

उन्होंने लिखा, ‘‘अपने लंबे जीवन में मैंने कई घटनाओं को करीब से देखा है, लेकिन पूर्वाग्रह और भेदभावपूर्ण सोच के कारण हुई इस दुखद घटना से मुझे और सामाजिक न्याय के लिए लड़ने वाले सभी साथियों को बहुत तकलीफ हुई है।’’

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, ‘‘हालांकि, हम चंद्रमा पर अपना झंडा लहराने में गर्व महसूस करते हैं, लेकिन यह शर्मनाक है कि हम उन लोगों को सशक्त बनाने में विफल रहे हैं, जिन्हें संविधान ने लोगों की पीड़ा, संकट और दर्द को कम करने की जिम्मेदारी सौंपी है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दुख की इस घड़ी में हम सब आपके साथ हैं। उन्होंने जो सवाल उठाए हैं, वे निर्णायक निष्कर्ष पर पहुंचेंगे। आपको भी बहुत धैर्य और साहस की आवश्यकता होगी।’’

कुमार 2001 बैच के आईपीएस अधिकारी थे। उन्होंने सात अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर कथित तौर पर खुद को गोली मार ली थी।

अधिकारियों के अधिकारों और वरिष्ठता से संबंधित मामलों में हस्तक्षेप के लिए जाने जाने वाले कुमार को हाल ही में रोहतक के सुनारिया स्थित पुलिस प्रशिक्षण केंद्र के महानिरीक्षक के रूप में तैनात किया गया था।

कुमार की मौत के बाद जापान से चंडीगढ़ पहुंचीं उनकी नौकरशाह पत्नी अमनीत ने पुलिस में दायर शिकायत में दावा किया है कि उनके पति की मौत उच्च पदस्थ अधिकारियों द्वारा किए गए ‘‘व्यवस्थित उत्पीड़न’’ का नतीजा है। अमनीत हरियाणा सरकार के एक प्रतिनिधिमंडल के हिस्से के रूप में जापान गई थीं।

कुमार द्वारा कथित तौर पर छोड़े गए ‘अंतिम नोट’ में उन्होंने हरियाणा के पुलिस महानिदेशक शत्रुजीत कपूर सहित आठ वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों पर ‘‘जातिगत भेदभाव, लक्षित मानसिक उत्पीड़न, सार्वजनिक अपमान और उत्पीड़न’’ का आरोप लगाया है।

भाषा पारुल नेत्रपाल

नेत्रपाल


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