नगालैंड में नागरिकों की हत्या: न्यायालय ने 30 भारतीय सैनिकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे पर रोक लगाई

नगालैंड में नागरिकों की हत्या: न्यायालय ने 30 भारतीय सैनिकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे पर रोक लगाई

नगालैंड में नागरिकों की हत्या: न्यायालय ने 30 भारतीय सैनिकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे पर रोक लगाई
Modified Date: November 29, 2022 / 08:39 pm IST
Published Date: July 21, 2022 4:08 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जुलाई (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने नगालैंड के मोन जिले के ओटिंग-तिरु इलाके में 2021 के सैन्य अभियान के अंतर्गत 13 नागरिकों की मौत के मामले में 21-पैरा स्पेशल फोर्स के एक मेजर सहित 30 सैनिकों के खिलाफ आपराधिक मुकदमे पर रोक लगा दी है।

न्यायमूर्ति इंदिरा बनर्जी और न्यायमूर्ति वी रमासुब्रमण्यम की पीठ ने कहा कि सशस्त्र बल (विशेषाधिकार) अधिनियम, 1958 (आफ्स्पा) की धारा छह के तहत जरूरी पूर्व-मंजूरी नहीं ली गयी थी।

शीर्ष अदालत ने इस मामले में नामजद सैन्य अधिकारियों की पत्नियों की ओर से दायर दो याचिकाओं पर केंद्र, नगालैंड सरकार और अन्य को नोटिस जारी किये।

याचिकाओं में नगालैंड पुलिस की ओर से दायर प्राथमिकी तथा राज्य सरकार द्वारा गठित विशेष जांच दल (एसआईटी) के निष्कर्षों को निरस्त करने की मांग की गयी थी।

नगालैंड पुलिस ने इस मामले में 21-पैरा स्पेशल फोर्स के कम से कम 30 सदस्यों के खिलाफ आरोप-पत्र दाखिल किये थे, जिसमें सैनिकों के खिलाफ हत्या और गैर-इरादतन हत्या के आरोप लगाये थे।

भाषा सुरेश पवनेश

पवनेश


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