जानिए किस राज्य में स्कूलों की प्रार्थना में शामिल होगा गायत्री मंत्र

जानिए किस राज्य में स्कूलों की प्रार्थना में शामिल होगा गायत्री मंत्र

जानिए किस राज्य में स्कूलों की प्रार्थना में शामिल होगा गायत्री मंत्र
Modified Date: November 29, 2022 / 08:20 pm IST
Published Date: February 24, 2018 6:25 am IST

स्कूलों में सुबह में होने वाली प्रार्थना में आपने सूर्य नमस्कार, वंदे मातरम और गीता के श्लोक शामिल करने के बारे में तो आपने पढ़ा ही होगा, अब जो ख़बर हम आपको बताने जा रहे हैं, वहां गायत्री मंत्र को भी शामिल किया जा रहा है। इससे पहले कि हम आपको बताएं कि किस राज्य में स्कूलों की सुबह की प्रार्थना में गायत्री मंत्र शामिल होने जा रहा है और किसने की है ये घोषणा, क्या है ये मंत्र, ये जान लें। गायत्री मंत्र सबसे पहले ऋग्वेद में उल्लिखित है और हिंदू धर्म में इसकी इतनी महत्ता है कि इसे महामंत्र भी कहा जाता है। हिंदी में इस मंत्र का भावार्थ है, उस प्राणस्वरूप, दुःखनाशक, सुखस्वरूप, श्रेष्ठ, तेजस्वी, पापनाशक, देवस्वरूप परमात्मा को हम अपनी अन्तरात्मा में धारण करें। वह परमात्मा हमारी बुद्धि को सन्मार्ग में प्रेरित करे।

 

ॐ भू: भुवः स्वः।

तत्सवितुर्वरेण्यं।

भर्गो देवस्य धीमहि।

धियो योनः प्रचोदयात्।

अब यही मंत्र हरियाणा के स्कूलों में प्रार्थना में शामिल होने जा रहा है, जिसकी घोषणा वहां के शिक्षा मंत्री राम बिलास शर्मा ने की है। शिक्षा निदेशालय ने इस बारे में निर्देश जारी कर दिया है। इसके तहत सरकारी स्कूलों में 20 मिनट की प्रार्थना होगी, जिसकी शुरुआत गायत्री मंत्र के साथ होगी और राष्ट्रगान के साथ ये पूरी होगी। शिक्षा मंत्री का कहना है कि राज्य में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने के बाद स्कूलों के पाठ्यक्रम में गीता के श्लोक जोड़े गए थे, जिसके सकारात्मक नतीजे सामने आए। अब गायत्री मंत्र को शामिल करने से सरकारी स्कूलों में अच्छा माहौल बनेगा और संस्कारपरक शिक्षा छात्रों को मुहैया करने में मदद मिल सकेगी।  

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मथुरा गए हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से जब इस बारे में पूछा गया तो उनका कहना था कि शिक्षा का स्तर ऊंचा कैसे हो, शिक्षा में नैतिकता कैसे आए, संस्कार कैसे उसमें डालें जाएं, उस नाते बहुत से विषयों पर शिक्षा विभाग ने विचार किया, उसमें ये सब बातें शामिल हैं। 


मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक हरियाणा सरकार के इस निर्णय पर राज्य अध्यापक संघ ने अपनी प्रतिक्रिया में कहा है कि गायत्री मंत्र शामिल करना कोई नई बात नहीं है। हरियाणा में गायत्री मंत्र पहसे से ही सुबह की प्रार्थना का हिस्सा था। उन्होंने ये भी कहा कि सरकार को सिर्फ मंत्र और श्लोक को शामिल करने पर ही नहीं, बल्कि स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति और बुनियादी सुविधाओं को बढ़ाने पर भी ध्यान देने की जरूरत है।

 

 

 

वेब डेस्क, IBC24


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