कर्नाटक में एमएलसी चुनाव में जद(एस) विधायकों की क्रॉस-वोटिंग पर कुमारस्वामी: ‘कोई हैरानी नहीं हुई’
कर्नाटक में एमएलसी चुनाव में जद(एस) विधायकों की क्रॉस-वोटिंग पर कुमारस्वामी: ‘कोई हैरानी नहीं हुई’
(तस्वीर सहित)
मैसुरु (कर्नाटक), 19 जून (भाषा) जनता दल (सेक्युलर) के नेता और केंद्रीय मंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को कहा कि कर्नाटक विधान परिषद चुनाव में पार्टी उम्मीदवार की हार का कारण बनी ‘क्रॉस-वोटिंग’ से उन्हें न तो आश्चर्य हुआ और न ही कोई झटका लगा।
यहां पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा कि उन्हें पहले से ही उन विधायकों की जानकारी थी, जो पार्टी लाइन के खिलाफ जाकर मतदान कर सकते हैं।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘मेरे पास पूरी जानकारी है कि किसने ‘क्रॉस-वोटिंग’ की। मुझे पहले से ही अंदेशा था कि कौन और कहां से ‘क्रॉस-वोटिंग’ होगी। इसलिए मुझे कोई आश्चर्य नहीं हुआ।’’
उनकी यह टिप्पणी ऐसे समय आई जब बृहस्पतिवार को हुए चुनाव में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने सात में से पांच सीटें जीत लीं, जबकि भाजपा को दो सीटें मिलीं और जद(एस) का खाता भी नहीं खुल सका।
परिणामों में विपक्षी दल भाजपा और जद (एस) के विधायकों की क्रॉस-वोटिंग सामने आई, जिससे कांग्रेस को 151 वोट मिले, जो उसके अनुमानित 140 वोटों से 11 अधिक थे।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘मुझे पता था कि क्या होने वाला है। प्रतीकात्मक रूप से मैंने उम्मीदवार उतारा था ताकि यह परखा जा सके कि मेरी पार्टी के विधायक कैसे व्यवहार करते हैं।’’
उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री एच. डी. देवेगौड़ा का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी कार्यकर्ताओं पर उनका भरोसा अक्सर सख्त कार्रवाई में बाधा बनता रहा है।
कुमारस्वामी ने कहा, ‘‘उन्होंने पिछले 70 वर्षों में कई झटके झेले हैं, लेकिन आज भी वह सोचते हैं कि पार्टी को कुछ नहीं होना चाहिए। इसी भावनात्मक लगाव के कारण वह सभी को बचाने की कोशिश करते हैं।’’
जब उनसे पूछा गया कि क्या देवेगौड़ा का यही भावनात्मक जुड़ाव उन पर भी असर डालता है, तो उन्होंने कहा कि 2006 में लिए गए एक स्वतंत्र राजनीतिक निर्णय के बाद उन्होंने अपनी अलग राजनीतिक पहचान बनाई।
उन्होंने कहा, ‘‘उस निर्णय के कारण आज लोग जानते हैं कि कुमारस्वामी कौन हैं। मेरे आचरण और कार्यशैली को लोगों ने समझा है, और यही मुझे आज संघर्ष की ताकत देता है।’’
कुमारस्वामी ने कहा कि वर्तमान परिस्थितियों में पार्टी और राज्य दोनों को बचाने के लिए अलग दृष्टिकोण अपनाना आवश्यक है। उन्होंने कहा, ‘‘आज पार्टी को बचाने और उससे भी ज्यादा राज्य को बचाने के संदर्भ में मैं कोई समझौता नहीं कर सकता।’’
उन्होंने पार्टी में युवा नेतृत्व को आगे लाने के संकेत देते हुए कहा, ‘‘मैं तैयार हूं। मैंने तय किया है कि युवाओं और नए चेहरों को प्राथमिकता दी जाएगी।’’
अनुशासनात्मक कार्रवाई के सवाल पर उन्होंने कहा कि विभिन्न स्तरों पर चर्चा हो सकती है, लेकिन अंतिम निर्णय उन्हीं का होगा।
सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में आठ जद(एस) और तीन भाजपा विधायकों के कांग्रेस के पक्ष में क्रॉस-वोटिंग करने की बात सामने आई है। हालांकि जद(एस) सूत्रों का दावा है कि केवल चार विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की।
चुनाव में जद(एस) उम्मीदवार गोविंदराजु को केवल 14 वोट मिले और वे चुनाव हार गए, जबकि कांग्रेस के सभी पांच और भाजपा के दो उम्मीदवार विजयी हुए।
भाषा मनीषा शोभना
शोभना

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