Balodabazar Violence Update: बलौदाबाजार हिंसा मामले में SC की एंट्री, राज्य सरकार को भेजा नोटिस, जानें कब होगी अगली सुनवाई

Balodabazar Violence Update: बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने SLP पर सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया है।

Balodabazar Violence Update: बलौदाबाजार हिंसा मामले में SC की एंट्री, राज्य सरकार को भेजा नोटिस, जानें कब होगी अगली सुनवाई

Balodabazar Violence Update/Image: AI

Modified Date: June 19, 2026 / 12:56 pm IST
Published Date: June 19, 2026 12:56 pm IST
HIGHLIGHTS
  • बलौदाबाजार हिंसा मामले में सुप्रीम कोर्ट ने छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी किया
  • हाईकोर्ट से जमानत याचिका खारिज होने के बाद आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया
  • मामले की अगली सुनवाई 17 जुलाई को होगी।

रायपुर: Balodabazar Violence Update बलौदाबाजार हिंसा व आगजनी मामले में सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) में सुनवाई हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने एक विशेष अनुमति याचिका SLP पर सुनवाई के बाद छत्तीसगढ़ सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है। एसएलपी पर अगली सुनवाई के लिए सुप्रीम कोर्ट ने 17 जुलाई की तिथि निर्धारित की है। अब इस दिन होने वाली फैसले पर सबकी निगाहें टिकी हुई है।

बता दें कि बलौदाबाजार में हुए बहुचर्चित हिंसा और आगजनी मामले में आरोपी अमित बघेल (Amit Baghel), अजय यादव और दिनेश कुमार वर्मा को छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। हाई कोर्ट ने तीनों की जमानत याचिका को खारिज कर दी थी। अजय यादव ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर जमानत की गुहार लगाई है। शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के जस्टिस नरेंद्र कुमार व्यास के सिंगल बेंच ने 19 मई 2026 को आवेदकों की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया था।

राज्य सरकार को नोटिस

सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा, आवेदक अमित बघेल और अजय यादव छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के पदाधिकारी हैं, उन पर सात से आठ हजार लोगों की भीड़ को भड़काने, सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और पुलिस बल पर जानलेवा हमले का गंभीर आरोप है। हिंसा के कारण बलौदाबाजार-भाटापारा जिला और मुख्यालय में शांति व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई और लगभग 13-15 करोड़ रुपये की सार्वजनिक संपत्ति का नुकसान हुआ। अमित बघेल के खिलाफ 17, अजय यादव के खिलाफ 13 और दिनेश कुमार वर्मा के खिलाफ एक आपराधिक मामला लंबित है। छत्तीसगढ़ बिलासपुर हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देते हुए आरोपियों ने सुप्रीम कोर्ट में विशेष अनुमति याचिका SLP दायर कर जमानत की मांग की है। याचिका की सुनवाई के बाद शीर्ष अदालत ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब पेश करने का निर्देश दिया है।

 

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सवाल आपका है... 9 सालों से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. पिछले 7 सालों से डिजिटल मीडिया से जुड़े हुए हैं और कई मीडिया संस्थानों में अपना योगदान दिया है. इन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में मास्टर की डिग्री ली है.