उत्तराखंड में लगातार बारिश से नदियां उफान पर, भूस्खलन से 132 सड़कें अवरूद्ध

उत्तराखंड में लगातार बारिश से नदियां उफान पर, भूस्खलन से 132 सड़कें अवरूद्ध

उत्तराखंड में लगातार बारिश से नदियां उफान पर, भूस्खलन से 132 सड़कें अवरूद्ध
Modified Date: August 6, 2026 / 10:08 pm IST
Published Date: August 6, 2026 10:08 pm IST

देहरादून, छह अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के विभिन्न क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश के कारण अलकनंदा और भागीरथी समेत कई प्रमुख नदियां उफान पर आ गयीं जबकि चार राष्ट्रीय राजमार्गों समेत 130 से अधिक सड़कें यातायात के लिए अवरूद्ध हो गई हैं। अधिकारियों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।

मौसम विभाग के बृहस्पतिवार के लिए देहरादून, चमोली एवं बागेश्वर जिलों में बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’ तथा राज्य के शेष जिलों के लिए ‘येलो अलर्ट’ जारी किए जाने के मद्देनजर सभी जिला प्रशासन ने सतर्कता बरती। देहरादून, बागेश्वर और चमोली जिलों में छात्रों की सुरक्षा के मद्देनजर कक्षा 12 तक के स्कूलों में छुट्टी रखी गयी।

प्रदेश के कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश दर्ज की गयी। मौसम विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, सुबह साढ़े आठ बजे के बाद से खानपुर में 127 मिलीमीटर, चकराता के लक्सर में 79.5 मिमी, चिन्यालीसौड़ में 50.5 मिमी, नई टिहरी में 50.5 मिमी, रानीखेत में 47 मिमी, नौगांव में 45.5 मिमी, जौलीग्रांट में 38.2 मिमी, मसूरी में 29.1 मिमी और देहरादून में 22 मिमी बारिश दर्ज की गयी।

लगातार बारिश से कई प्रमुख नदियां उफान पर आ गयीं हैं और खतरे का निशान पार कर गयी हैं या उसके करीब बह रही हैं।

अधिकारियों के अनुसार, रुद्रप्रयाग में अलकनंदा नदी सुबह छह बजे खतरे के निशान 627 मीटर पर बह रही थी लेकिन शाम चार बजे उसके जलस्तर में कुछ कमी आयी जो 0.02 मीटर कम रिकॉर्ड किया गया।

इसके अलावा, रुद्रप्रयाग में मंदाकिनी का जलस्तर सुबह सात बजे 626.20 मीटर रहा जो खतरे के निशान 626 मीटर से 0.20 मीटर ऊपर था। हालांकि, शाम चार बजे उसका जलस्तर 625.69 मीटर दर्ज किया गया।

हरिद्वार में भी गंगा अपने चेतावनी स्तर 293 मीटर पर बह रही है जबकि पिथौरागढ़ में काली नदी और गोरी नदी चेतावनी स्तर के करीब बह रही हैं। ऋषिकेश के त्रिवेणीघाट में भी शाम चार बजे गंगा का जलस्तर चेतावनी रेखा 339.50 मीटर से 40 सेंटीमीटर अधिक दर्ज किया गया।

नदियों के जलस्तर को देखते हुए अधिकारियों से उच्च सतर्कता बनाए रखने तथा नदियों के किनारे रहने वाले लोगों को लाउडस्पीकर के माध्यम से चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं।

इस बीच, प्रदेश भर में चार राष्ट्रीय राजमार्गों समेत कुल 132 सड़कें भूस्खलन और मलबा आने के कारण यातायात के लिए बाधित हो गयी हैं। उत्तरकाशी जिले में यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग दुर्बिल के पास लगातार पत्थर व मलबा आने के कारण बाधित है जबकि ऋषिकेश-केदारनाथ राष्ट्रीय राजमार्ग रुद्रप्रयाग जिले में तिलवाड़ा और सांदर के पास भूस्खलन के कारण अवरूद्ध है।

अधिकारियों ने कहा कि इन मार्गों को खोलने का प्रयास किया जा रहा है।

मौसम विभाग ने शुक्रवार के लिए उत्तरकाशी, टिहरी, देहरादून और बागेश्वर जिलों में कहीं-कहीं भारी बारिश की चेतावनी के साथ ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है जिसे देखते हुए प्रशासन को सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।

भाषा दीप्ति शफीक

शफीक


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