Mahakumbh Last Amrit Snan
महाकुंभ नगर : Mahakumbh Last Amrit Snan महाकुंभ में बुधवार को महाशिवरात्रि पर स्नान के लिए व्यापक इंतजाम किए गए हैं और अधिकारियों ने लोगों से संगम पर एकत्र होने के बदले नजदीकी घाट पर पवित्र स्नान करने की अपील की है। सुबह 5 बजे तक 25.64 लाख लोगों ने डुबकी लगाई है। महाकुंभ में अब तक रिकॉर्ड 64 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आ चुके हैं। अंतिम स्नान के लिए श्रद्धालुओं की संभावित भीड़ को देखते हुए मंगलवार शाम चार बजे से पूरे मेला क्षेत्र को ‘नो व्हीकल जोन’ घोषित कर दिया गया है। अधिकारियों ने लोगों से नजदीकी घाट पर पवित्र स्नान करने की अपील की है।
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Mahakumbh Last Amrit Snan महाशिवरात्रि पर सुचारू स्नान सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लगातार मेला अधिकारियों के संपर्क में हैं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। मुख्यमंत्री सभी व्यवस्थाओं पर नजर रख रहे हैं।’’ श्रद्धालुओं के लिए विस्तृत परामर्श जारी किए गए हैं। सरकार ने परामर्श का ब्यौरा देते हुए एक बयान जारी किया है, जिसके अनुसार तीर्थयात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपने निकटतम घाटों पर स्नान करें। अधिकारियों ने बताया कि तीर्थयात्रियों की भीड़ के आधार पर पीपा पुलों का संचालन किया जाएगा।
एक अधिकारी ने बताया, ‘‘श्रद्धालुओं से अनावश्यक आवाजाही से बचने और स्नान के बाद अपने गंतव्य के लिए रवाना होने का आग्रह किया गया है।’’ अधिकारियों के अनुसार मंगलवार को श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी गई और महाकुंभ नगर में एक करोड़ से अधिक श्रद्धालु पहुंचे। उन्होंने बताया कि सुरक्षा व्यवस्था के लिए महाकुंभ में 37,000 पुलिसकर्मी और 14,000 होमगार्ड तैनात किए गए हैं, जबकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए 2,750 एआई आधारित सीसीटीवी, तीन जल पुलिस स्टेशन, 18 जल पुलिस नियंत्रण कक्ष और 50 वॉच टावर लगाए गए हैं।पुलिस उपमहानिरीक्षक (कुंभ) वैभव कृष्ण ने पीटीआई-भाषा को बताया, ‘‘बड़े पैमाने पर सुरक्षा व्यवस्था के अलावा, हम महाकुंभ के बारे में किसी भी गलत सूचना के प्रसार को रोकने के लिए 24 घंटे सोशल मीडिया पर भी नजर रख रहे हैं।’’ महाकुंभ क्षेत्र में तीर्थयात्रियों का आना देर रात तक जारी था। संगम स्थल पर जहां पूजा-पाठ का सामान बेचने वाले लोग नजर आ रहे थे वहीं सुरक्षाकर्मी श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने में जुटे थे।
जूनापीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी अवधेशानंद गिरि जी महाराज ने कहा कि महाशिवरात्रि पूजा के साथ ही महाकुंभ की धार्मिक परंपराएं पूरी हो जाएंगी। अनुष्ठानों के समापन के बाद वह काशी जाएंगे। आयोजन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि यूनेस्को ने महाकुंभ को अमूर्त सांस्कृतिक विरासत के रूप में मान्यता दी है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने महाशिवरात्रि के अवसर पर प्रयागराज में महाकुंभ में स्नान के लिए आने वाले संतों और श्रद्धालुओं के साथ-साथ राज्य के लोगों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि महाशिवरात्रि लोगों को समाज के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध रहने की प्रेरणा देती है।