एलडीएफ जनादेश को स्वीकार करता है, यूडीएफ को बधाई : विजयन
एलडीएफ जनादेश को स्वीकार करता है, यूडीएफ को बधाई : विजयन
तिरुवंनतपुरम, सात मई (भाषा) केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन ने विधानसभा चुनाव में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) को मिली करारी हार पर अपनी चुप्पी तोड़ते हुए बृहस्पतिवार को कहा कि वह जनादेश को स्वीकार करते हैं।
उन्होंने कांग्रेस नीत संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) को चुनाव में जीत के लिए बधाई दी।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की राज्य समिति की बैठक के बाद जारी एक बयान में विजयन ने कहा कि जनादेश अंत नहीं, बल्कि जनता का विश्वास फिर से हासिल करने और पहले से अधिक मजबूत होकर लौटने की शुरुआत है।
माकपा नेता ने कहा कि एलडीएफ की हार अप्रत्याशित और पूरी तरह से चौंकाने वाली है।
विजयन ने कहा, ‘‘एलडीएफ और अधिक स्पष्टता और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ेगा, और जनता के साथ अपने संबंधों को मजबूत करेगा। केरल के भविष्य, जनता के कल्याण, लोकतंत्र और धर्मनिरपेक्षता के लिए संघर्ष जारी रहेगा।’’
माकपा नेता ने कहा कि लगातार तीसरी बार जीत दर्ज की उम्मीद पूरी नहीं हुई, लेकिन इस तथ्य से आत्मविश्वास मिला है कि मतदाताओं के एक बड़े वर्ग ने एलडीएफ का समर्थन किया है।
उन्होंने कहा कि एलडीएफ एक जिम्मेदार विपक्ष के रूप में कार्य करेगा और नयी सरकार पर अत्यधिक गरीबी के उन्मूलन, महिला सशक्तीकरण और सामाजिक सुरक्षा जैसे विभिन्न कल्याणकारी कदमों को लागू करने के लिए दबाव डालेगा, जो वाम सरकार ने उठाये थे।
विजयन ने कहा कि एलडीएफ द्वारा नए केरल के निर्माण के लिए ज्ञान अर्थव्यवस्था, युवा रोजगार, सामाजिक न्याय, सार्वजनिक स्वास्थ्य और शिक्षा को मजबूत करने के लिए विपक्ष के तौर पर अपनी भूमिका निभाएगा।
विजयन ने केरल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के तीन सीट जीतने को ‘गंभीर मामला’ करार देते हुए कहा कि यह धर्मनिरपेक्षता की रक्षा करने के इच्छुक लोगों के लिए ‘चिंता का विषय’ है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम सांप्रदायिकता के किसी भी रूप से समझौता किए बिना विभाजनकारी राजनीति के खिलाफ अपनी लड़ाई जारी रखेंगे।’’
विजयन ने दावा किया कि चुनाव के दौरान बड़े पैमाने पर दुष्प्रचार किया गया और इसमें कुछ मीडिया संस्थानों की भूमिका की गंभीरता से जांच करने की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि अधूरी सच्चाई, अतिशयोक्ति और झूठा प्रचार करना लोकतंत्र के लिए अच्छा नहीं है, लेकिन एलडीएफ इन अनुभवों से सीखेगा और आगे बढ़ेगा।
विजयन ने कहा कि एलडीएफ चुनाव परिणामों की खुली और लोकतांत्रिक समीक्षा करेगा, जिसमें वह अपने सभी साथियों के साथ-साथ आम जनता द्वारा उठाई गई चिंताओं, विचारों और आलोचनाओं को भी सुनेगा।
उन्होंने कहा कि चुनाव के नतीजे वामपंथी दलों के विरोधी बलों – यूडीएफ, भाजपा और कुछ मीडिया संस्थानों द्वारा पैदा की गई राजनीतिक स्थिति का परिणाम हैं।
विजयन ने दावा किया कि कुछ लोग अराजक स्वभाव वाली ताकतों द्वारा फैलाए गए झूठे प्रचार से प्रभावित हुए और उन्हें तथ्यों से अवगत कराने के प्रयास किए जाएंगे।
केरल की 140 सदस्यीय विधानसभा चुनाव में यूडीएफ ने 102 सीट पर जीत दर्ज की है जबकि 10 साल तक सत्ता में रहे एलडीएफ को 35 सीट से संतोष करना पड़ा। भाजपा ने तीन सीट जीती है।
भाषा धीरज अविनाश
अविनाश

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