तृणमूल कांग्रेस, भाजपा समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने मुकुल रॉय को श्रद्धांजलि दी
तृणमूल कांग्रेस, भाजपा समेत विभिन्न दलों के नेताओं ने मुकुल रॉय को श्रद्धांजलि दी
(फोटो सहित)
कोलकाता, 23 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी समेत अन्य ने वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय के निधन पर सोमवार को शोक जताया।
कभी पश्चिम बंगाल की राजनीति के ‘चाणक्य’ और पर्दे के पीछे की रणनीति के माहिर माने जाने वाले मुकुल रॉय का लंबी बीमारी के बाद रविवार देर रात निधन हो गया। रॉय 71 वर्ष के थे।
सॉल्ट लेक के एक अस्पताल में देर रात करीब डेढ़ बजे उन्होंने अंतिम सांस ली। वह कई बीमारियों से जूझ रहे थे और पिछले दो वर्षों में कई बार अस्पताल में भर्ती रहे थे।
ममता बनर्जी ने उन्हें लंबे समय का राजनीतिक सहयोगी और कई आंदोलनों में साथ लड़ने वाला साथी बताया। मुख्यमंत्री ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय के निधन की खबर से मैं स्तब्ध और दुखी हूं। वह लंबे समय तक मेरे राजनीतिक सहयोगी रहे और अनेक राजनीतिक संघर्षों में मेरे साथी रहे हैं। उनके निधन की खबर से मेरा दिल टूट गया है।’’
बनर्जी ने कहा, “उन्होंने पार्टी के गठन से ही खुद को पूरी तरह समर्पित कर दिया। संगठन के सभी स्तरों में उनकी स्वीकार्यता निर्विवाद थी।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि रॉय ने 1998 में तृणमूल कांग्रेस की स्थापना के समय से ही पार्टी के लिए पूर्ण समर्पण के साथ काम किया।
बनर्जी ने कहा कि बाद में उन्होंने एक अलग राजनीतिक मार्ग चुना था, लेकिन फिर वह वापस लौट आए। उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की राजनीति में उनके योगदान और संगठनात्मक कौशल को भुलाया नहीं जाएगा।
बनर्जी ने रॉय के परिवार और समर्थकों के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की और उनके बेटे सुभ्रांशु रॉय से दुख की इस घड़ी में मजबूत रहने का आग्रह किया।
रॉय पर्दे के पीछे के रणनीतिकार थे जिन्होंने बूथ दर बूथ, जिले दर जिले पार्टी की पैठ बढ़ाने में भूमिका निभाई।
तृणमूल कांग्रेस के सांसद और पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी श्रद्धांजलि अर्पित की।
ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुकुल रॉय के निधन से पश्चिम बंगाल के राजनीतिक इतिहास में एक युग का अंत हो गया है। व्यापक अनुभव वाले एक अनुभवी नेता के रूप में उनके योगदान ने राज्य की सार्वजनिक और राजनीतिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण चरण को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस के संस्थापक स्तंभों में से एक के रूप में उन्होंने संगठन के प्रारंभिक वर्षों में इसके विस्तार और सुदृढ़ीकरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। सार्वजनिक जीवन के प्रति उनके समर्पण को प्रशंसा के साथ याद किया जाएगा। मैं उनके परिवार, मित्रों और प्रशंसकों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करता हूं। ईश्वर उनकी आत्मा को शांति प्रदान करें।’’
सोमवार को उनके पार्थिव शरीर को राज्य विधानसभा परिसर ले जाया गया, जहां तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों दलों के उनके पूर्व सहयोगियों ने उन्हें अंतिम श्रद्धांजलि अर्पित की।
विभिन्न दलों के नेताओं ने रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने रॉय के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उनके राजनीतिक अनुभव और समाज की सेवा के प्रयासों के लिए याद किया जाएगा।
मोदी ने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘पूर्व केंद्रीय मंत्री मुकुल रॉय के निधन से दुखी हूं। उन्हें उनके राजनीतिक अनुभव और समाज की सेवा के प्रयासों के लिए याद किया जाएगा। उनके परिवार और समर्थकों के प्रति संवेदनाएं। ओम् शांति।’’
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘वरिष्ठ नेता मुकुल रॉय के निधन के बारे में जानकर मुझे गहरा दुख हुआ। उनके परिवार के प्रति मेरी गहरी संवेदनाएं। उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करता हूं। ओम शांति।’’
क्रिकेटर से नेता बने अशोक डिंडा समेत भाजपा के विधायक श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए विधानसभा में मौजूद थे।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी और प्रदीप भट्टाचार्य ने भी रॉय के निधन पर शोक व्यक्त किया।
भाषा आशीष प्रशांत
प्रशांत

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