वामपंथी छात्र संगठनों ने सरकारी स्कूलों को बंद करने के सरकार के आदेश की कड़ी आलोचना की
वामपंथी छात्र संगठनों ने सरकारी स्कूलों को बंद करने के सरकार के आदेश की कड़ी आलोचना की
बेंगलुरु, 21 जनवरी (भाषा) वामपंथी छात्र संगठनों ने बुधवार को कर्नाटक सरकार पर ‘केपीएस मैग्नेट’ योजना के तहत हजारों ग्रामीण सरकारी स्कूलों को बंद करने की योजना को आगे बढ़ाने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार के इस कदम को सार्वजनिक शिक्षा व्यवस्था और गरीब बच्चों की स्कूलों तक पहुंच पर हमला बताया है।
केपीएस मैग्नेट योजना के तहत एक से पांच किलोमीटर के दायरे में स्थित छोटे सरकारी स्कूलों का एकीकरण कर बड़े ‘कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस)’ के रूप में विकसित करना है।
बेंगलुरु स्थित प्रेस क्लब में आयोजित एक प्रेस वार्ता में आल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन (एआईएसएफ), ‘स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया’ (एसएफआई), ‘ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन'(एडसो), ऑल इंडिया स्टूडेंट एसोसिएशन (आइसा) और केन्द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस) के प्रतिनिधियों ने एक सरकारी आदेश की प्रति जारी की।
उन्होंने दावा किया कि इस आदेश में 40,000 से अधिक सरकारी स्कूलों को बंद कर उन्हें लगभग 6,000 केपीएस मैग्नेट स्कूलों में विलय करने की योजना बनाई गई है। योजना के पहले चरण में 900 ऐसे स्कूल खोलने का लक्ष्य रखा गया है।
छात्र संगठनों ने आरोप लगाया कि पर्याप्त नामांकन वाले मौजूदा ग्रामीण स्कूलों का भी विलय किया जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर बच्चों के परिवहन का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा।
इस दौरान संगठनों ने नारे लगाए “गरीब बच्चों को शिक्षा से वंचित करने वाली केपीएस मैग्नेट परियोजना को बंद करो! सार्वजनिक शिक्षा बचाओ, हमारे ग्रामीण सरकारी स्कूलों को बचाओ!”
उन्होंने आरोप लगाया कि इस परिपत्र के तहत छात्रों के परिवहन की जिम्मेदारी स्कूल विकास एवं निगरानी समितियों पर डाली जा रही है। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी दावा किया कि इस कदम से शिक्षा क्षेत्र में आउटसोर्सिंग और कॉर्पोरेट वित्तपोषण का रास्ता खुलता है, जिसे उन्होंने शिक्षा के निजीकरण की दिशा में उठाया गया एक गंभीर कदम बताया है।
कर्नाटक सरकार ने पिछले साल अक्टूबर में 2025-27 के दौरान 500 चयनित सरकारी स्कूलों को कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) में उन्नत करने का आदेश जारी किया था। इस योजना के लिए वित्तीय सहायता राज्य बजट और एशियाई विकास बैंक (एडीबी) के ऋण से उपलब्ध कराई जाएगी।
इस योजना के तहत 474 स्कूलों के उन्नयन को स्वीकृति दे दी गई है, जबकि शेष 26 स्कूलों के लिए मंजूरी बाद में जारी की जाएगी।
प्रस्ताव के अनुसार, प्रत्येक केपीएस स्कूल को कम से कम 1,200 छात्रों की जरूरतों को पूरा करने वाले बुनियादी ढांचे के साथ विकसित किया जाएगा।
सरकार ने कल्याण कर्नाटक क्षेत्र के सात जिलों में 200 सरकारी स्कूलों को कर्नाटक पब्लिक स्कूल (केपीएस) के रूप में उन्नत करने को मंजूरी दे दी है। इसके लिए कल्याण कर्नाटक क्षेत्र विकास बोर्ड (केकेआरडीबी) की निधि का उपयोग किया जाएगा। इनमें 2025-26 के बजट में घोषित 50 स्कूल और 2025-27 की अवधि के लिए स्वीकृत अतिरिक्त 150 स्कूल शामिल हैं।
आदेश के तहत इन स्कूलों में स्कूल विकास एवं निगरानी समितियों (एसडीएमसी) के माध्यम से छात्रों के लिए निःशुल्क परिवहन की व्यवस्था करने, समान कर्नाटक पब्लिक स्कूल मानकों को अपनाने, कक्षा एक से कंप्यूटर शिक्षा शुरू करने, कक्षा छह से व्यावसायिक कौशल-आधारित पाठ्यक्रम लागू करने तथा कक्षा आठ से बोर्ड और प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कक्षा सुविधाओं का प्रावधान किया गया है।
भाषा
प्रचेता माधव
माधव


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