लेह: 14 दिनों की प्रदर्शनी के बाद भगवान बुद्ध के अवशेषों को दी गई विदाई

लेह: 14 दिनों की प्रदर्शनी के बाद भगवान बुद्ध के अवशेषों को दी गई विदाई

लेह: 14 दिनों की प्रदर्शनी के बाद भगवान बुद्ध के अवशेषों को दी गई विदाई
Modified Date: May 15, 2026 / 03:59 pm IST
Published Date: May 15, 2026 3:59 pm IST

लेह/जम्मू, 15 मई (भाषा) लद्दाख में 14 दिनों तक आयोजित भव्य प्रदर्शनी के समापन के बाद शुक्रवार को लेह हवाई अड्डे पर भगवान बुद्ध के पिपरहवा अवशेषों को विदाई दी गई।

प्रदर्शनी के दौरान 1.18 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने इन अवशेषों के दर्शन किए।

यह केंद्र शासित प्रदेश में आयोजित सबसे बड़े आध्यात्मिक आयोजनों में से एक था। लद्दाख के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना विदाई समारोह में शामिल हुए। इस समारोह में विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने भाग लिया।

उपराज्यपाल ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर कहा, “बुद्ध के पवित्र अवशेषों को विदाई देने के लिए लद्दाख के लोगों के साथ मैं भी समारोह में शामिल हुआ। 14 दिनों के यादगार आयोजन के बाद हवाई अड्डे पर ‘गार्ड ऑफ ऑनर’ देते हुए अवशेषों को लद्दाख से विदाई दी गयी।”

उन्होंने कहा कि इन दिनों ने लद्दाख को प्रार्थना, करुणा और आध्यात्मिक जागृति की भूमि में बदल दिया।

सक्सेना ने कहा, “मठों से लेकर दूरदराज के गांवों तक और पर्वतीय इलाकों से लेकर चहल-पहल भरे बाजारों तक पूरा लद्दाख भक्ति, शांति और श्रद्धा से भर गया।” उपराज्यपाल ने आशा जताई कि भगवान बुद्ध की शिक्षाएं सीमाओं व मतभेदों से परे मानवता को एकजुट करती रहेंगी और विश्व भर में शांति, करुणा, सद्भाव एवं भाईचारे को बढ़ावा देंगी।

उन्होंने कहा, “मैं इस ऐतिहासिक प्रदर्शनी से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के प्रति हार्दिक आभार व्यक्त करता हूं, जिनके समर्पण और अथक प्रयासों ने इसे सफल बनाया।”

प्रदर्शनी का समापन बृहस्पतिवार को चोगलम्सर स्थित धर्म केंद्र में हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में हुआ।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2569वीं बुद्ध पूर्णिमा के अवसर पर एक मई को लेह के जीवत्सल में प्रदर्शनी का उद्घाटन किया था।

भाषा जितेंद्र अविनाश

अविनाश


लेखक के बारे में