पुरी जगन्नाथ मंदिर के ‘रत्न भंडार’ में वस्तुओं को सूचीबद्ध करने का काम 11 मई को फिर से शुरू होगा

पुरी जगन्नाथ मंदिर के ‘रत्न भंडार’ में वस्तुओं को सूचीबद्ध करने का काम 11 मई को फिर से शुरू होगा

पुरी जगन्नाथ मंदिर के ‘रत्न भंडार’ में वस्तुओं को सूचीबद्ध करने का काम 11 मई को फिर से शुरू होगा
Modified Date: May 9, 2026 / 07:42 pm IST
Published Date: May 9, 2026 7:42 pm IST

पुरी, नौ मई (भाषा) श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन ने शनिवार को बताया कि पुरी मंदिर के रत्न भंडार में मौजूद वस्तुओं को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया 11 मई से फिर से शुरू होगी और ओडिशा सरकार द्वारा मंजूर मानक संचालन प्रक्रियाओं (एसओपी) का पालन करते हुए दो दिनों तक जारी रहेगी।

श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक अरबिंद पाधी ने बताया कि भगवान की चंदन यात्रा के कारण रत्न भंडार में वस्तुओं को सूचीबद्ध करने के प्रक्रिया कुछ दिनों के लिए रोक दी गई थी।

पाधी ने कहा, “चूंकि चंदन यात्रा रविवार को समाप्त हो रही है, इसलिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) का पालन करते हुए 11 और 12 मई को रत्न भंडार में मौजूद वस्तुओं को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया फिर से शुरू करने का निर्णय लिया गया है।”

राज्य सरकार की मंजूरी के बाद 48 वर्षों के अंतराल के बाद 25 मार्च, 2026 को 12वीं शताब्दी के रत्न भंडार में मौजूद वस्तुओं को सूचीबद्ध करने का कार्य शुरू हुआ था।

एक अधिकारी ने बताया, “चलंती भंडार (दैनिक उपयोग के आभूषण) और ‘बाहर भंडार’ (त्यौहारी के दौरान पहने जाने वाले आभूषण) में रखे आभूषणों व कीमती वस्तुओं की सूची अब तक पूरी हो चुकी है जबकि ‘भीतर भंडार’ (आंतरिक कक्ष, जहां कीमती वस्तुएं रखी जाती हैं) में मौजूद वस्तुओं की गिनती जारी है। चंदन यात्रा के कारण इसे अस्थायी रूप से रोक दिया गया था।”

मुख्य प्रशासक ने बताया कि पिछले नौ दिनों के दौरान अब तक 57 घंटे और आठ मिनट तक सूची तैयार करने का कार्य किया गया और इस दौरान आंतरिक कक्ष में रखी लगभग 120 वस्तुओं की गिनती की गई।

उन्होंने बताया कि यह कुल सूची कार्य का 20 प्रतिशत हो सकता है।

अधिकारी ने बताया कि रत्नविज्ञानी, सुनार और अन्य विशेषज्ञ वस्तुओं को सूचीबद्ध करने की प्रक्रिया में जुटे हैं, और पारदर्शिता बनाए रखने के लिए प्रत्येक वस्तु की फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी और ‘3डी मैपिंग’ की जा रही है।

भाषा जितेंद्र संतोष

संतोष


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