युवा पीढ़ी को प्रेरित करने वाला साहित्य रचा जाए : भजनलाल शर्मा
युवा पीढ़ी को प्रेरित करने वाला साहित्य रचा जाए : भजनलाल शर्मा
जयपुर, 15 जनवरी (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने लेखकों और साहित्यकारों से ऐसा साहित्य रचने का आह्वान किया है, जो युवा पीढ़ी को गर्व का अहसास कराए और उन्हें प्रेरित करे।
शर्मा ने बृहस्पतिवार को यहां जयपुर साहित्य उत्सव (जेएलएफ) के उद्घाटन समारोह में कहा, ‘मैं लेखकों से कहना चाहता हूं कि आप जो भी लिख रहे हैं उसमें सार्थकता होनी चाहिए। उसमें विचारों का प्रकटीकरण होना चाहिए। उन विचारों से हम आने वाली पीढ़ी को संदेश दें और आने वाली पीढ़ी को सही दिशा देने का काम करें।”
उन्होंने लेखकों से अपील करते हुए कहा,”ऐसा साहित्य लिखना चाहिए जिसे पढ़कर हमारी युवा पीढ़ी को गर्व महसूस हो।’
शर्मा ने कहा कि साहित्य ने इतिहास के हर दौर में अहम भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने साहित्य के महत्व पर बल देते हुए कहा, ‘चाहे मुगल आक्रांताओं के विरुद्ध हमारे वीरों को प्रेरित करना हो, चाहे आजादी के आंदोलन में सेनानियों में जोश भरना हो, चाहे आपातकाल के दिनों में तानाशाही शासन को चुनौती देना हो, चाहे युद्धों में सीमा पर सैनिकों का हौसला बढ़ाना हो, साहित्य हर दौर में हर समय राष्ट्र निर्माण का काम करता है।”
शर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कार्यक्रमों में गुलदस्ते के बजाय पुस्तक भेंट करने के लिए प्रेरित किया है।
उन्होंने कहा, ‘किताब सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं होती, बल्कि यह जीवन को समझने का एक नजरिया देती है।’
शर्मा ने कहा कि राजस्थान केवल महलों की धरती नहीं है; यह साहित्य और कला की भी धरती है। प्रदूषण की समस्या और पर्यावरण संरक्षण की जरूरत की ओर इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति पर्यावरण की रक्षा का ज्ञान देती है।
उन्होंने कहा, ‘हमारे पूर्वज पहाड़ों, पेड़ों और नदियों की पूजा करते थे क्योंकि वे हमारी संस्कृति का हिस्सा हैं। हमें इस विरासत की रक्षा करनी है।’
शर्मा ने कहा कि पूरी दुनिया जिस समस्या का सामना कर रही है, उसका समाधान भारतीय संस्कृति में है।
भाषा
पृथ्वी
रवि कांत

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