स्थानीय निवासियों ने दमकल टीम के देर से पहुंचने का आरोप लगाया, डीएफएस का इनकार
स्थानीय निवासियों ने दमकल टीम के देर से पहुंचने का आरोप लगाया, डीएफएस का इनकार
नयी दिल्ली, तीन जून (भाषा) दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड को लेकर स्थानीय निवासियों और प्रत्यक्षदर्शियों ने बुधवार को आरोप लगाया कि दमकल की गाड़ियां घटनास्थल पर देर से पहुंची। उन्होंने दावा किया कि अगर वे जल्दी आ गए होते तो कई जानें बचाई जा सकती थी। वहीं, दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) ने आरोपों को खारिज कर दिया।
पुलिस के मुताबिक, हौज रानी इलाके में ‘फ्लोरिश स्टे बी एंड बी’ होटल में भीषण आग लगने से 21 लोगों की मौत हो गई और कई घायल हो गए।
होटल के ठीक सामने वाली इमारत की मालकिन अंजुम ने बताया कि उन्हें सबसे पहले तब कुछ गड़बड़ का आभास हुआ जब वह सुबह-सुबह अपने पिता को दवा देने उनके कमरे में गईं।
उन्होंने दावा किया, ‘हमें कुछ गंध आई, लेकिन हमने सोचा कि शायद कुछ और हो। फिर एक चिंगारी निकली और देखते ही देखते इमारत में आग लग गई। दमकलकर्मियों को सुबह करीब आठ बजे सूचित कर दिया गया, लेकिन वे देर से पहुंचे। अगर वे पहले आ जाते, तो जानमाल का नुकसान रोका जा सकता था।’
अंजुम ने बताया कि होटल में मौजूद कई लोग बुरी तरह झुलस गए, और कइयों ने इमारत से कूदकर जान बचाने की कोशिश की।
एक अन्य स्थानीय निवासी ने आरोप लगाया कि आपातकालीन टीमों के पहुंचने से पहले इलाके के लोगों को बचाव कार्य का नेतृत्व करना पड़ा।
उन्होंने कहा, ‘आसपास की इमारतों के लोगों ने रस्सियों की मदद से फंसे हुए लोगों को बचाने की कोशिश की और सड़क पर गद्दे बिछाए ताकि इमारत से कूदने पर उन्हें चोट न लगे।’
स्थानीय निवासी ने कहा, “तपिश और धुएं के कारण हम अपने घरों के अंदर भी नहीं रह पा रहे थे। अगर बाहर इतना भीषण प्रभाव था, तो (होटल के) अंदर फंसे लोग कैसे बच रहे होंगे?”
हालांकि, दिल्ली अग्निशमन सेवा (डीएफएस) के एक अधिकारी ने बचाव कार्य में किसी भी प्रकार की देरी से इनकार किया।
अधिकारी ने कहा, ‘हमें सुबह 8:50 बजे सूचना मिली और हमने तुरंत सात वाहन घटनास्थल पर भेजे। बचाव अभियान भी बिना किसी देरी के चलाया गया। दमकल विभाग की ओर से भी कोई देरी नहीं हुई।’
इस बीच, एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि अन्य लोगों को बचाते समय 10 पुलिसकर्मी घायल हो गए और उन्हें अस्पताल ले जाया गया।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, “बिना एक पल भी सोचे, पुलिसकर्मियों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू कर दिया। पीसीआर को सूचना मिलते ही हमारी टीमें मौके पर पहुंच गईं।”
घायल पुलिसकर्मियों में हेड कांस्टेबल करतार (32), हरज्ञान (40), प्रेमचंद (40), जितेंद्र (40) और दिनेश (35), तथा कांस्टेबल विक्रम (34), दीपक (38), रामपाल (30), संदीप (30) और रविरंजन (26) शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि सभी कर्मियों को इलाज के लिए तत्काल एम्स ले जाया गया और उनकी हालत स्थिर है।
भाषा नोमान नोमान सुरेश
सुरेश

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