लोकसभा अध्यक्ष ने 64 देशों के संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया

लोकसभा अध्यक्ष ने 64 देशों के संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया

लोकसभा अध्यक्ष ने 64 देशों के संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया
Modified Date: February 23, 2026 / 05:59 pm IST
Published Date: February 23, 2026 5:59 pm IST

नयी दिल्ली, 23 फरवरी (भाषा) लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सोमवार को 64 देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया, जिनमें सत्तापक्ष के साथ विपक्ष के कई प्रमुख नेताओं को शामिल किया गया है।

बिरला ने यह कदम उस वक्त उठाया जब विपक्ष द्वारा उन्हें पद से हटाने का प्रस्ताव लाने का नोटिस दिया गया है।

लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी विज्ञप्ति के अनुसार, लोकसभा अध्यक्ष ने 60 से अधिक देशों के साथ संसदीय मैत्री समूहों का गठन किया, जो वैश्विक लोकतांत्रिक संबंधों को सुदृढ़ करने की दिशा में अहम कदम है।

लोकसभा सचिवालय का यह भी कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की बहुदलीय पहल को आगे बढ़ाते हुए लोक सभा अध्यक्ष ने संसदीय मैत्री समूहों को औपचारिक स्वरूप दिया।

विपक्ष के वरिष्ठ नेताओं पी चिदंबरम, शशि थरूर, टी.आर. बालू, के.सी. वेणुगोपाल, अखिलेश यादव, असदुद्दीन ओवैसी, अभिषेक बनर्जी और सुप्रिया सुले अलग-अलग मैत्री समूहों का नेतृत्व करेंगे।

सत्तापक्ष से अनुराग ठाकुर, निशिकांत दुबे और कुछ अन्य नेताओं को मैत्री समूहों का नेतृत्व सौंपा गया है।

कांग्रेस नेता चिदंबरम को इटली, थरूर को फ्रांस, केसी वेणुगोपाल को पुर्तगाल, समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव को ऑस्ट्रेलिया, तृणमूल कांग्रेस के महासचिव अभिषेक बनर्जी को अल्जीरिया, द्रमुक नेता टीआर बालू को मलेशिया, असदुद्दीन ओवैसी को ओमान, और सपा नेता रामगोपाल यादव को मिस्र के लिए मैत्री समूह का नेतृत्व दिया गया है।

भाजपा नेता रविशंकर प्रसाद को इजराइल, अनुराग ठाकुर को यूरोपीय संसद, निशिकांत दुबे को रूस के लिए मैत्री समूह का प्रमुख बनाया गया है।

लोकसभा सचिवालय का कहना है कि पहले चरण में 64 देशों के साथ मैत्री समूह स्थापित किया गया और शीर्ष अन्य देशों के लिए भी मैत्री समूहों का गठन किया जाएगा।

भाषा हक

हक प्रशांत

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