लंबी सीमा, सस्ती शराब: मप्र के बुंदेलखंड क्षेत्र में छह साल में दूसरी जहरीली शराब त्रासदी

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लंबी सीमा, सस्ती शराब: मप्र के बुंदेलखंड क्षेत्र में छह साल में दूसरी जहरीली शराब त्रासदी

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  • Publish Date - September 6, 2026 / 10:48 PM IST,
    Updated On - September 6, 2026 / 10:48 PM IST

सागर (मध्यप्रदेश), छह सितंबर (भाषा) मध्यप्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में पिछले छह साल में यह दूसरी बार है जब जहरीली शराब से मौत का मामला सामने आया है और आशंका जताई जा रही है कि यह शराब पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश से लाई गई थी। राज्य के सागर जिले में रविवार को जहरीली शराब के सेवन से 11 लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।

पुलिस के अनुसार, फरवरी 2021 में, उत्तर प्रदेश में एक दुकान से खरीदी गई देशी शराब ब्रांड ‘दिलसे’ के सेवन से चार लोगों की मौत हो गई थी।

मध्यप्रदेश के आबकारी आयुक्त दीपक सक्सेना ने कहा कि इस बार संदेह है कि पीड़ितों ने नकली शराब का सेवन किया, जिसे ‘सागर गोल्ड’ के साथ-साथ एक अन्य देशी शराब ब्रांड के रूप में बेचा गया था।

इस घटना में मरने वालों के अलावा 54 अन्य लोग शराब पीने के बाद बीमार पड़ गए जिनका सागर के विभिन्न अस्पतालों में इलाज हो रहा है।

बुंदेलखंड क्षेत्र उत्तरी मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश में फैला हुआ है। मध्यप्रदेश का सागर और उत्तर प्रदेश का ललितपुर जिला एक बड़ी सीधी सीमा साझा करते हैं और दोनों के बीच करीब 110-120 किलोमीटर की दूरी है।

स्थानीय पत्रकार पुष्पेंद्र सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश में मध्यप्रदेश के मुकाबले शराब और पेट्रोल तुलनात्मक रूप से बहुत सस्ता है।

उन्होंने कहा कि यही वजह है कि मध्यप्रदेश के कई लोग ये दोनों चीजें (शराब और पेट्रोल) खरीदने के लिए निर्बाध सीमा पार करते हैं। मध्य प्रदेश के एक दर्जन से अधिक जिले उत्तर प्रदेश की सीमा से लगे हुए हैं।

सागर रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक शशींद्र चौहान ने बताया कि 11 लोगों की मौत की जांच के दौरान उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र के ललितपुर जिले के लोगों और स्थानीय शराब ठेकेदार के बीच संबंध सामने आए हैं।

अधिकारियों ने बताया कि बीमार पड़े 54 लोगों में से 49 लोग धुंधली दृष्टि और चक्कर आने जैसे लक्षणों से पीड़ित हैं।

उन्होंने बताया कि पुलिस ने कुछ लोगों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है और प्राथमिकी में आरोपी के तौर पर नामित लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ आरोपों की पुष्टि होने के बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा।

सागर का दौरा करने के बाद सक्सेना ने कहा कि प्रारंभिक जांच से पता चलता है कि त्रासदी नकली शराब के कारण हुई, जिसकी तस्करी उत्तर प्रदेश से की गई थी।

उन्होंने कहा कि पुलिस फिलहाल इस पूरे प्रकरण की जांच कर रही है।

उन्होंने कहा, ‘‘नकली शराब की पैकिंग स्थानीय ब्रांडों की तरह असली लग रही थी, जैसे कि एक व्हिस्की और एक देशी शराब ब्रांड।’’

उन्होंने कहा कि लाइसेंस प्राप्त शराब विक्रेता के एजेंट ने शराब बेची थी और लोगों को लगा कि यह असली है।

ताजा त्रासदी मध्यप्रदेश के छतरपुर जिले में फरवरी 2021 की घटना से मिलता-जुलता है, जब जिला मुख्यालय से लगभग 55 किलोमीटर दूर परेठा गांव में लगभग 150 लोग एक पार्टी के लिए एकत्र हुए थे।

छतरपुर के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा ने बताया था कि पीड़ितों ने पड़ोसी राज्य उत्तर प्रदेश में करीब 500 मीटर की दूरी पर स्थित एक दुकान से ‘दिलसे’ ब्रांड की शराब खरीदी थी और उसका सेवन किया था।

जनवरी 2021 में मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में जहरीली शराब के सेवन से करीब 24 लोगों की मौत हो गई थी।

भाषा ब्रजेन्द्र सुरभि

सुरभि