उपराज्यपाल ने लद्दाख में अपने 100 दिन के शासनकाल की उपलब्धियां गिनाईं
उपराज्यपाल ने लद्दाख में अपने 100 दिन के शासनकाल की उपलब्धियां गिनाईं
लेह, 21 जून (भाषा) लद्दाख के उपराज्यपाल के तौर पर 100 दिन पूरे होने पर विनय कुमार सक्सेना ने रविवार को कहा कि उनके प्रशासन द्वारा क्षेत्र की खास चुनौतियों से निपटने के लिए स्थानीय, टिकाऊ और वैज्ञानिक समाधानों पर ध्यान दिया गया है तथा समावेशी विकास भी सुनिश्चित किया गया है।
सक्सेना ने 10 मार्च को दिल्ली के उपराज्यपाल का पद छोड़ने के तीन दिन बाद, 13 मार्च को लद्दाख के उपराज्यपाल का पद संभाला था।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘केंद्रशासित लद्दाख के उपराज्यपाल के तौर पर अपनी सेवा के 100 दिन पूरे करते हुए, मैं इस जगह की बेमिसाल खूबसूरती और खासियत के बारे में सोच रहा हूं। लद्दाख का भूगोल मुश्किल है और पारिस्थितिकी नाजुक है। इसलिए, यहां के संवेदनशील पर्यावरण को बचाने और साथ ही टिकाऊ विकास सुनिश्चित करने के लिए सरल लेकिन वैज्ञानिक समाधानों की ज़रूरत है।’’
अपने कार्यकाल के पहले 100 दिन की रिपोर्ट का ज़िक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इस दौरान उनके प्रशासन के प्रयास पर्यावरण से जुड़ी चिंताओं, पानी की कमी, आर्थिक विकास और टिकाऊ उपायों के ज़रिए रोजगार पैदा करने पर केंद्रित रहे।
सक्सेना ने कहा, ‘‘यहां चुनौतियां ढेर सारी हैं, लेकिन एक मज़बूत, आत्मनिर्भर और समृद्ध लद्दाख बनाने के मौके भी उतने ही बड़े हैं।’’
शासन से जुड़ी जिन मुख्य पहलों पर जोर दिया गया, उनमें प्रशासन को लोगों के करीब लाने के मकसद से पांच नए ज़िलों की अधिसूचना, ‘स्कूल ऑफ़ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर’ के साथ समझौता करके लद्दाख का पहला मास्टर प्लान तैयार करना और ‘वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम’ के तहत चुमुर में एक आदर्श सीमावर्ती गांव परियोजना की शुरुआत शामिल है।
आर्थिक मोर्चे पर, रिपोर्ट में पर्यटन क्षेत्र में सुधारों पर ज़ोर दिया गया है। इनमें एक ही पंजीकरण प्रणाली, होटलों और गेस्ट हाउस को उद्योग का दर्जा (जिसमें शुल्क और कर में छूट शामिल है) और कारोबार सुगमता पोर्टल पर 23 सरकारी सेवाओं को एक साथ लाना शामिल है।
भाषा
राजकुमार नेत्रपाल
नेत्रपाल

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