मद्रास उच्च न्यायालय ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को सरकारी नौकरी के आदेश को किया रद्द

मद्रास उच्च न्यायालय ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को सरकारी नौकरी के आदेश को किया रद्द

मद्रास उच्च न्यायालय ने करूर भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को सरकारी नौकरी के आदेश को किया रद्द
Modified Date: July 27, 2026 / 06:43 pm IST
Published Date: July 27, 2026 6:43 pm IST

मदुरै, 27 जुलाई (भाषा) मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै पीठ ने सोमवार को उस आदेश को रद्द कर दिया, जिसमें पिछले साल करूर में हुई भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने का प्रावधान किया गया था।

अदालत ने कहा कि भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने संबंधी आदेश संविधान के अनुच्छेद 14 और 16 का उल्लंघन करता है।

पीठ ने यह भी कहा कि भगदड़ पीड़ितों के परिजनों को सरकारी नौकरी देने के आदेश से इसी तर्ज पर नौकरी की मांग करने वालों की बाढ़ आ जाएगी।

मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने भगदड़ में जान गंवाने वाले लोगों के 31 परिजनों को 10 जुलाई 2026 को नियुक्ति पत्र सौंपे थे।

भाषा सुभाष सुरेश

सुरेश


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