बीकानेर में खेजड़ी बचाओ अभियान के तहत ‘महापड़ाव’ समाप्त
बीकानेर में खेजड़ी बचाओ अभियान के तहत ‘महापड़ाव’ समाप्त
जयपुर, 13 फरवरी (भाषा) बीकानेर में खेजड़ी बचाओ आंदोलन के तहत जारी ‘महापड़ाव’ बृहस्पतिवार देर रात को राज्य सरकार के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हो गया। राज्य सरकार ने आंदोलनकारियों को लिखित आश्वासन दिया है कि जब तक खेजड़ी पेड़ के संरक्षण के लिए विशेष कानून नहीं बन जाता, तब तक खेजड़ी का पेड़ नहीं काटा जाएगा।
राज्य के मंत्री के. के. बिश्नोई सरकार की ओर से एक आधिकारिक पत्र लेकर बीकानेर पहुंचे। इसके बाद वहां जारी अनिश्चितकालीन धरना खत्म हो गया।
मंत्री के अनुसार राजस्व विभाग ने सभी जिलाधिकारियों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि प्रस्तावित कानून लागू होने तक खेजड़ी (शमी) का एक भी पेड़ गैर-कानूनी तरीके से न काटा जाए।
विश्नोई ने कहा कि सरकार विधानसभा के मौजूदा बजट सत्र में इस बारे में एक विधेयक लाने की तैयारी कर रही है और उसके सभी पहलुओं की समीक्षा की जा रही है। उन्होंने कहा कि संतों और पर्यावरणविदों के साथ बातचीत जारी रहेगी और मुख्यमंत्री ने इस मुद्दे पर पूरा भरोसा दिया है।
आंदोलन के संयोजक राम गोपाल विश्नोई ने कहा कि सरकार ने खेजड़ी संरक्षण के बारे में एक परिपत्र जारी किया है और घोषणा की है कि मौजूदा सत्र के दौरान नियम लाए जाएंगे। उन्होंने इसे लोगों के सामूहिक संघर्ष की जीत बताया और समर्थकों से संगठित रहने की अपील की।
सरकार के पत्र के अनुसार राजकीय वृक्ष खेजड़ी के सांस्कृतिक व विशिष्ट पहचान तथा लोक भावना के मद्देनजर राज्य सरकार ने उसके संरक्षण के लिए कानून लाने का निर्णय किया है। मुख्यमंत्री ने हाल में विधानसभा में घोषणा की थी कि कानून जल्द से जल्द पेश किया जाएगा और लागू किया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि बीकानेर में दो फरवरी को आंदोलन शुरू हुआ जिसमें शामिल लोग खेजड़ी को काटने पर रोक लगाने की मांग कर रहे थे। उनका आरोप है कि राज्य में सौर उर्जा संयंत्रों के लिए बड़ी संख्या में खेजड़ी सहित दूसरे पेड़ काटे जा रहे हैं।
भाषा पृथ्वी अमित सुरभि
सुरभि

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