महाराष्ट्र : मराठवाडा में गत पांच साल में पांच हजार किसानों ने आत्महत्या की, सबसे अधिक पिछले साल

महाराष्ट्र : मराठवाडा में गत पांच साल में पांच हजार किसानों ने आत्महत्या की, सबसे अधिक पिछले साल

महाराष्ट्र : मराठवाडा में गत पांच साल में पांच हजार किसानों ने आत्महत्या की, सबसे अधिक पिछले साल
Modified Date: January 14, 2026 / 08:45 pm IST
Published Date: January 14, 2026 8:45 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, 14 जनवरी (भाषा)महाराष्ट्र के मराठवाड़ा इलाके में गत पांच साल में 5,000 से अधिक किसानों ने आत्महत्या की है और इनमें से भी सबसे अधिक 1129 किसानों ने पिछले साल जान दी। बुधवार को जारी एक आधिकारिक रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ।

संभागीय आयुक्त कार्यालय द्वारा तैयार की गई रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में 1,129 किसानों ने आत्महत्या की, जबकि 2021 से अब तक कुल 5,075 आत्महत्याओं की सूचना मिली है।

मराठवाड़ा संभाग में छत्रपति संभाजीनगर, जालना, परभणी, नांदेड़, बीड, धाराशिव, हिंगोली और लातूर जिले आते हैं।

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रिपोर्ट के मुताबिक वर्ष 2021 में 887 किसानों ने, वर्ष 2022 में1,023 किसानों ने, वर्ष 2023 में 1,088 किसानों ने, वर्ष 2024 में 948 किसानों ने और वर्ष 2025 में 1,129 किसानों ने आत्महत्या की।

बीड जिले में पिछले साल किसानों के आत्महत्या करने के सबसे अधिक 256 मामले दर्ज किये गए जिनमें से 193 किसानों के परिवारों को अनुग्रह राशि दी गई।

रिपोर्ट के मुताबिक 2025 में छत्रपति संभाजीनगर में 224 किसानों के आत्महत्या करने की खबर आई। इसी प्रकार जालना में 90 किसानों ने , परभणी में 104, हिंगोली में 68, नांदेड़ में 170, बीड में 256, लातूर में 76 और धाराशिव में 141 किसानों ने आत्महत्या की।

एक अधिकारी ने बताया कि पिछले वर्ष मई माह में मराठवाड़ा के कुछ इलाकों में बेमौसम बारिश हुई थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र के विभिन्न जिलों में 125 से 150 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई। इलाके में सितंबर-अक्टूबर 2025 में विनाशकारी बाढ़ आई थी।

अधिकारी ने बताया कि पिछले साल दर्ज की गई कुल 1,129 आत्महत्या के मामलों में 537 घटनाएं मई से अक्टूबर के बीच हुई, जब बारिश से संबंधित आपदाओं से क्षेत्र प्रभावित था।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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