Suryakumar Yadav T20 World Cup Final: टी20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले कप्तान सूर्यकुमार का बड़ा खुलासा! टीम इंडिया में ऐसे बन रहा जीत का माहौल, खिलाड़ियों को इस चीज की दी आजादी

Suryakumar Yadav T20 World Cup Final: टी20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले कप्तान सूर्यकुमार का बड़ा खुलासा! टीम इंडिया में ऐसे बन रहा जीत का माहौल, खिलाड़ियों को इस चीज की दी आजादी

Suryakumar Yadav T20 World Cup Final: टी20 वर्ल्ड कप फाइनल से पहले कप्तान सूर्यकुमार का बड़ा खुलासा! टीम इंडिया में ऐसे बन रहा जीत का माहौल, खिलाड़ियों को इस चीज की दी आजादी

Suryakumar Yadav T20 World Cup Final/Image Source: BCCI

Modified Date: March 8, 2026 / 10:40 am IST
Published Date: March 8, 2026 10:33 am IST
HIGHLIGHTS
  • टीम इंडिया में नया फॉर्मूला!
  • फाइनल से पहले कप्तान का बड़ा खुलासा
  • खिलाड़ियों को दी खुलकर खेलने की आजादी

अहमदाबाद: Suryakumar Yadav T20 World Cup Final:  भारत के टी20 कप्तान सूर्यकुमार यादव को नेतृत्व संभालने के करीब छह महीने बाद यह समझ में आ गया कि टीम के युवा खिलाड़ियों के लिए ‘पिता या बड़े भाई जैसी’ भूमिका निभाने की कोशिश ज्यादा कारगर नहीं होगी। मुंबई के इस बल्लेबाज ने महसूस किया कि टीम के अंदर खुलकर विचारों का आदान-प्रदान, अभिव्यक्ति की आजादी और हर खिलाड़ी को अपने तरीके से खेलने की स्वतंत्रता देना ही सबसे बेहतर तरीका है।

मुख्य कोच गौतम गंभीर मानते है कि इस प्रारूप में सात गेंदों में बनाये 21 रन उतने ही अहम है जितना की शतक। सूर्यकुमार ने गंभीर के सहयोग से तय किया कि वह पूर्व कप्तान रोहित शर्मा के कदमों पर चलेंगे, लेकिन ‘अपने तरीके से’। ड्रेसिंग रूम के माहौल और युवा खिलाड़ियों को दी जाने वाली सलाह के बारे में पूछे जाने पर सूर्यकुमार ने मजाकिया अंदाज में कहा, ‘‘वे मुझे ड्रेसिंग रूम में ज्यादा बोलने ही नहीं देते। वे अपनी शर्तों पर चलते हैं। मैंने देखा है कि जब उन्हें आजादी मिलती है तो मैदान पर उनका व्यक्तित्व बिल्कुल अलग नजर आता है।’’

कप्तान बनते ही बदला सूर्यकुमार का अंदाज! (Suryakumar Yadav Interview)

Suryakumar Yadav T20 World Cup Final:  उन्होंने कहा, “कप्तानी के पांच छह महीने बाद मैं इस टीम से पूरी तरह जुड़ पाया। तब समझ आया कि बड़े भाई या पिता जैसा बनने का कोई मतलब नहीं है। आपको उन्हें खुला छोड़ना होगा। तभी आप उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन हासिल कर सकते हैं।’’ सूर्यकुमार के मुताबिक टीम एक गुलदस्ते की तरह है जिसमें हर फूल की अपनी अलग खूबसूरती और जगह होती है। उन्होंने हंसते हुए कहा, “हर खिलाड़ी की अपनी क्षमता और ताकत होती है। ऐसा नहीं है कि मैंने किसी से कुछ कहा ही नहीं। मैंने खिलाड़ियों से बात की है। लेकिन जो यह महसूस करते हैं कि मैंने उन्हें छूट दी है, उनकी संख्या अब पहले से ज्यादा हो गई है। अब मैं ज्यादा दखल नहीं देता।’’ आठ मार्च को सूर्यकुमार के करियर का अब तक का सबसे बड़ा दिन हो सकता है, लेकिन उन्होंने अपने मजाकिया अंदाज को नहीं छोड़ा। जब उनसे पूछा गया कि क्या रोहित शर्मा की जगह भरना मुश्किल है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘‘सर, जूते मेरे हैं, मैं सिर्फ उनके कदमों पर चल रहा हूं।’’ उन्होंने फिर गंभीरता से इस सवाल का जवाब देते हुए कहा कि उन्होंने रोहित की कप्तानी से उन्होंने काफी कुछ सीखा है।

खिलाड़ियों को दी खुलकर खेलने की आजादी (IND vs NZ Final 2026)

Suryakumar Yadav T20 World Cup Final:  भारतीय कप्तान ने कहा, ‘‘जब मैं उनके साथ खेल रहा था तब उनसे बहुत कुछ सीखने को मिला। इसलिए मैंने वही रणनीति और वही मूल सिद्धांत अपनाने की कोशिश की। मैंने इसमें अपने तरीके को जोड़ने की कोशिश की और यह काफी कारगर रहा है।’’ सूर्यकुमार ने स्वीकार किया कि फाइनल जैसे बड़े मुकाबले में दबाव होना स्वाभाविक है। उन्होंने कहा, ‘‘कप्तान के तौर पर मुझ पर दबाव जरूर होगा लेकिन उतना ही उत्साह भी है, क्योंकि विश्व कप फाइनल खेलने का मौका बार-बार नहीं मिलता, वह भी भारत में।” न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 विश्व कप का यह फाइनल सूर्यकुमार के लिए पिछले दो साल की यात्रा का परिणाम है। उन्होंने कहा, ‘‘हम इस मंच के लिए काफी समय से तैयारी कर रहे हैं। यह सफर दो साल पहले शुरू हुआ था और अब फिर उसी स्टेडियम में लौट आए हैं, जहां 2023 में हमने इसे छोड़ा था। उम्मीद है कि हम अच्छा क्रिकेट खेलेंगे और मुश्किल हालात में भी साहस दिखाएंगे।”

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लेखक के बारे में

टिकेश वर्मा- जमीनी पत्रकारिता का भरोसेमंद चेहरा... टिकेश वर्मा यानी अनुभवी और समर्पित पत्रकार.. जिनके पास मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव हैं। राजनीति, जनसरोकार और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर बेबाकी से सरकार से सवाल पूछता हूं। पेशेवर पत्रकारिता के अलावा फिल्में देखना, क्रिकेट खेलना और किताबें पढ़ना मुझे बेहद पसंद है। सादा जीवन, उच्च विचार के मानकों पर खरा उतरते हुए अब आपकी बात प्राथिकता के साथ रखेंगे.. क्योंकि सवाल आपका है।