अंडा फेंकने की घटना को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंचीं महुआ मोइत्रा

अंडा फेंकने की घटना को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंचीं महुआ मोइत्रा

अंडा फेंकने की घटना को लेकर कलकत्ता उच्च न्यायालय पहुंचीं महुआ मोइत्रा
Modified Date: September 22, 2026 / 12:56 pm IST
Published Date: September 22, 2026 12:56 pm IST

कोलकाता, 22 सितंबर (भाषा) लोकसभा सदस्य महुआ मोइत्रा ने पश्चिम बंगाल में अपने कृष्णानगर संसदीय क्षेत्र के दौरे के दौरान उन पर अंडे फेंके जाने की घटना को लेकर पुलिस पर निष्क्रियता का आरोप लगाते हुए कलकत्ता उच्च न्यायालय का रुख किया है।

मोइत्रा के वकील अर्क नाग ने एक याचिका में आरोप लगाया कि नदिया जिले के तेहट्टा में कथित घटना के दौरान पुलिस ने उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उचित कार्रवाई नहीं की। उनके अनुसार, उस दौरान एक प्रतिद्वंद्वी दल के सदस्यों ने काले झंडे दिखाए और उनके वाहन पर अंडे फेंके।

इस मामले में राहत का अनुरोध करते हुए मोइत्रा ने सोमवार को उच्च न्यायालय में याचिका दायर की। उन्होंने दावा किया कि 16 सितंबर को उन पर अंडे फेंके गए, जबकि इससे पहले अदालत ने उनके निर्वाचन क्षेत्र के दौरे के दौरान पुलिस को सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया था।

अदालत ने कहा कि मामले की सुनवाई क्रम सूची के अनुसार होगी।

मोइत्रा की पिछली याचिका पर उच्च न्यायालय ने अंतरिम आदेश में पुलिस को निर्देश दिया था कि सितंबर के अंत तक जब भी वह अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करें तो उन्हें दो सुरक्षाकर्मी उपलब्ध कराए जाएं।

तृणमूल कांग्रेस के ममता बनर्जी गुट से जुड़ी मोइत्रा ने कई मौकों पर आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में सरकार बदलने के बाद जब भी वह अपने निर्वाचन क्षेत्र का दौरा करती हैं, उनके विरोधी राजनीतिक तत्व उन्हें निशाना बनाते हुए अंडे फेंकने और अपमानित करने जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।

कृष्णानगर लोकसभा क्षेत्र से दो बार की सांसद मोइत्रा ने 16 सितंबर को आरोप लगाया था कि उनकी पार्टी के एक कार्यक्रम के दौरान सात से 10 भाजपा कार्यकर्ताओं ने, जिनमें स्थानीय मंडल अध्यक्ष और पंचायत समिति के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष शामिल थे, उन पर अंडे फेंके।

उन्होंने टकराव के दौरान सोशल मीडिया पर लाइव प्रसारण किया था और सवाल उठाया था कि पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में उन पर अंडे कैसे फेंके जा सकते हैं। इस वीडियो में उनके चेहरे पर अंडे के टूटे हुए छिलके दिखाई दे रहे थे।

भाषा मनीषा अमित

अमित


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