मालवीय नगर होटल अग्निकांड: अदालत ने होटल मालिक की सेहत पर आरएमएल अस्पताल से रिपोर्ट मांगी
मालवीय नगर होटल अग्निकांड: अदालत ने होटल मालिक की सेहत पर आरएमएल अस्पताल से रिपोर्ट मांगी
नयी दिल्ली, 15 सितंबर (भाषा) दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में आग लगने के मामले में गिरफ्तार होटल मालिक की सेहत को लेकर दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को राम मनोहर लोहिया (आरएमएल) अस्पताल से रिपोर्ट मांगी।
इस होटल में जून में आग लग जाने से 23 लोगों की मौत हो गई थी। होटल का मालिक अभी जेल में है।
न्यायमूर्ति मनोज जैन ने लवकेश बजाज की अर्जी पर यह आदेश दिया। बजाज ने इस मामले में अंतरिम जमानत का अनुरोध किया था। उन्होंने कहा था कि वह आंत संबंधी समस्या से जूझ रहे हैं और उनकी हालत ‘‘गंभीर’’ है।
न्यायमूर्ति जैन ने कहा कि बजाज 24 अगस्त से अस्पताल में भर्ती है और निर्देश दिया, ‘‘आरएमएल अस्पताल से विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाए।’’
अदालत ने मामले को कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया है।
बजाज फिलहाल न्यायिक हिरासत में है। उन्हें तीन जून को हौज रानी स्थित पांच मंजिला ‘फ्लोरिश स्टे’ बीएंडबी में लगी आग के मामले में आरोपी बनाया गया है। इस घटना में 23 लोगों की मौत हो गई थी जबकि 24 अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे।
अधीनस्थ अदालत ने तीन सितंबर को चिकित्सा आधार पर चार हफ्ते की अंतरिम जमानत के अनुरोध वाली उनकी याचिका खारिज कर दी थी। अदालत ने कहा था कि उन्हें हिरासत में पहले से ही पर्याप्त विशेषज्ञ चिकित्सा उपचार मिल रहा है और आरोपी ने जिस चिकित्सीय जरूरत का हवाला दिया था उसे आरएमएल अस्पताल में सर्जरी के जरिए पहले ही हल किया जा चुका है।
अधीनस्थ अदालत में अपनी जमानत याचिका में बजाज ने पेट की गंभीर समस्याओं का हवाला दिया था और कहा था कि चिकित्सकों ने सर्जरी की सलाह दी है। अधीनस्थ अदालत ने पाया कि उन्हें पहले दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल ले जाया गया और बाद में आरएमएल अस्पताल भेजा गया।
दिल्ली पुलिस ने मामले में बजाज, प्रबंधक-सह-लेखाकार जय मिश्रा और रसोइये केशव नेगी के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया है। पुलिस ने आरोप लगाया है कि 26 कमरों वाला यह प्रतिष्ठान ‘बेड एंड ब्रेकफास्ट’ नियमों का उल्लंघन कर संचालित किया जा रहा था जिनके तहत केवल छह कमरे रखने की अनुमति थी।
जांच के अनुसार, बजाज ने होटल का लाइसेंस लेने के लिए आवेदन किया था लेकिन होटल में आने-जाने के लिए केवल एक रास्ता होने और आपातकालीन निकास नहीं होने के कारण आवेदन खारिज कर दिया गया था। पुलिस ने आरोप लगाया कि दोबारा आवेदन करने के बजाय बजाज ने प्रतिष्ठान को बीएंडबी व्यवस्था के तहत चलाया।
आरोप है कि आग रसोईघर में उस वक्त लगी जब नेगी चाय बनाते समय ‘ऑयल फ्रायर’ (तेल गर्म करने वाली मशीन) चालू छोड़ गए थे। पुलिस का आरोप है कि आग इमारत में तेजी से फैल गई और ज्वलनशील सामग्री तथा आने-जाने का सिर्फ एक रास्ता होने की वजह से स्थिति और बिगड़ गई।
भाषा सुरभि मनीषा
मनीषा

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