ममता बनर्जी ने सत्यजीत रे की कृतियों को सिनेमा की अमूल्य धरोहर बताया

ममता बनर्जी ने सत्यजीत रे की कृतियों को सिनेमा की अमूल्य धरोहर बताया

ममता बनर्जी ने सत्यजीत रे की कृतियों को सिनेमा की अमूल्य धरोहर बताया
Modified Date: May 2, 2026 / 07:37 pm IST
Published Date: May 2, 2026 7:37 pm IST

कोलकाता, दो मई (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को फिल्मकार सत्यजीत रे को उनकी 105वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उनकी कालजयी कृतियां सिनेमा की दुनिया में हमेशा एक अमूल्य धरोहर बनी रहेंगी।

इस अवसर पर राज्य भर से और यहां तक ​​कि बाहर से भी सैकड़ों लोग दिग्गज फिल्म निर्माता के ‘1 बिशप लेफ्रॉय रोड’ स्थित आवास पर पहुंचे और उन्हें श्रद्धांजलि दी। वहां सत्यजीत रे के बेटे संदीप रे और उनके परिवार के अन्य सदस्यों ने लोगों का गर्मजोशी से स्वागत किया।

बनर्जी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘रे की कालजयी कृतियां विश्व सिनेमा में एक अमूल्य धरोहर के रूप में बनी रहेंगी।’’

दिग्गज फिल्मकार के पुत्र और निर्देशक संदीप रे ने एक सवाल के जवाब में कहा कि ‘सोसाइटी फॉर द प्रिजर्वेशन ऑफ सत्यजीत रे फिल्म्स’ द्वारा महान फिल्मकार के कार्यों के विशाल संग्रह को संरक्षण और डिजिटलीकरण के जरिए सुरक्षित करने की पहल पहले से ही जारी है।

संदीप ने कहा कि उनके पिता की विरासत को सुरक्षित रखने के लिए भारत के साथ-साथ विदेश में भी काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘हम कागजात को डिजिटल रूप में संरक्षित करने की योजना पर पहले से ही काम कर रहे हैं। रेखाचित्रों से लेकर लेखन तक, सामग्रियों का एक विशाल भंडार है। हम इन सबको संभालने में काफी व्यस्त हैं।’’

हालांकि, संदीप ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल उनकी लघु कथाओं को संजोने पर ध्यान दे रहे हैं।

सत्यजीत रे का जन्म दो मई, 1921 को कोलकाता में हुआ था। उन्हें उनकी मानवतावादी कहानी कहने की शैली, यथार्थवाद और कलात्मक गहराई के लिए सराहा जाता है। उन्होंने फिल्मों के अलावा साहित्य में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। रे ने ‘फेलूदा’ और ‘प्रोफेसर शंकू’ जैसे लोकप्रिय पात्रों का सृजन किया।

भाषा

प्रचेता नेत्रपाल

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