ममता बनर्जी ‘अपनी करनी का फल भुगत रहीं’: अधीर रंजन चौधरी

ममता बनर्जी ‘अपनी करनी का फल भुगत रहीं’: अधीर रंजन चौधरी

ममता बनर्जी ‘अपनी करनी का फल भुगत रहीं’: अधीर रंजन चौधरी
Modified Date: June 3, 2026 / 09:32 pm IST
Published Date: June 3, 2026 9:32 pm IST

(फोटो के साथ)

कोलकाता, तीन जून (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अधीर रंजन चौधरी ने बुधवार को कहा कि टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी “अपनी करनी का फल भुगत रहीं” हैं।

उन्होंने बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी उथल-पुथल की तुलना 2016 विधानसभा चुनावों के बाद पश्चिम बंगाल में कांग्रेस में हुए दलबदल से की, जिसकी वजह से पार्टी कमजोर हो गई थी।

प्रदेश कांग्रेस कमेटी (पीसीसी) के पूर्व प्रमुख ने इस मौके पर “साधारण टीएमसी कार्यकर्ताओं” से कहा कि उन लोगों के लिए कांग्रेस के दरवाजे खुले हैं, जिन्होंने पूरी श्रद्धा से टीएमसी के लिए काम करते हुए राजनीतिक उत्पीड़न का सामना किया।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष के पद लेकर बढ़ते संकट के बीच संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए चौधरी ने कहा कि “इतिहास खुद को दोहराता है।”

टीएमसी में विद्रोह ने बुधवार को उस समय निर्णायक मोड़ ले लिया, जब 58 बागी विधायकों ने निष्कासित विधायक रिताब्रता बनर्जी को विधायक दल का नेता बनाने का समर्थन किया और फिर विधानसभा अध्यक्ष रथींद्र बोस ने विद्रोही गुट को सदन में आधिकारिक मुख्य विपक्ष के रूप में मान्यता दे दी।

चौधरी ने आरोप लगाया कि 2016 के विधानसभा चुनावों के बाद, जब कांग्रेस मुख्य विपक्षी दल के रूप में उभरी थी, तब टीएमसी नेताओं ने कांग्रेस नेताओं-कार्यकर्ताओं का दल-बदल कराने के लिए “धमकियों और प्रलोभनों” का सहारा लिया और विधायी तौर-तरीकों व विधानसभा के नियमों की परवाह किए बिना पार्टी को खत्म करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा, “आज, इतिहास के एक अलग मोड़ पर, टीएमसी ताश के पत्तों की तरह ढहने की कगार पर खड़ी है।”

चौधरी ने बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा, “पूर्व मुख्यमंत्री एक समय राजनीतिक दल-बदल के खेल की अंपायर और रेफरी मानी जाती थीं, लेकिन अब यह भूमिका भाजपा ने ले ली।”

उन्होंने कहा, “भूमिकाएं बदल गई हैं, लेकिन दल-बदल का खेल जारी है।”

अनौपचारिक आंकड़ों के अनुसार, 2016 विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस के 44 विधायकों में से लगभग 18 अंततः बंगाल की तत्कालीन सत्तारूढ़ पार्टी टीएमसी में शामिल हो गए थे, जिसके कारण विधानसभा में कांग्रेस सदस्यों की संख्या कम होती गई।

चौधरी ने कहा, “जो खेल ममता बनर्जी ने शुरू किया और महारत हासिल की, उसमें भाजपा ने उन्हें मात दे दी।”

भाषा जोहेब पवनेश

पवनेश


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