ममता ने निर्वाचन आयोग को ‘तुगलकी आयोग’ बताया, मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगाया

ममता ने निर्वाचन आयोग को 'तुगलकी आयोग' बताया, मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगाया

ममता ने निर्वाचन आयोग को ‘तुगलकी आयोग’ बताया, मतदाता सूचियों में हेरफेर का आरोप लगाया
Modified Date: February 17, 2026 / 06:01 pm IST
Published Date: February 17, 2026 6:01 pm IST

(फाइल फोटो सहित)

कोलकाता, 17 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग को एक राजनीतिक दल द्वारा संचालित ‘तुगलकी आयोग’ करार दिया और राज्य की मतदाता सूचियों में व्यापक हेरफेर का आरोप लगाया।

राज्य सचिवालय में पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कहा, “भाजपा के आईटी सेल की एक महिला पदाधिकारी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) का इस्तेमाल करके बंगाल में 58 लाख मतदाताओं के नाम हटवा दिए। निर्वाचन आयोग उच्चतम न्यायालय के आदेशों की अवहेलना कर रहा है, मतदाताओं को निशाना बना रहा है और लोकतंत्र को कमजोर कर रहा है।”

मतदाता सूची से नाम हटाने के मुद्दे पर उन्होंने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के निर्देश पर निर्वाचन आयोग विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान पश्चिम बंगाल के मतदाताओं के नाम हटा रहा है।

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने आरोप लगाया, ‘‘तार्किक विसंगतियों का हवाला देते हुए, यह लोकतांत्रिक अधिकारों को छीन रहा है और आम लोगों के साथ आतंकियों की तरह बर्ताव कर रहा है। भाजपा को खुश करने के लिए बंगाल को निशाना बनाया जा रहा है।’’

निर्वाचन आयोग द्वारा निलंबित किए गए सात सहायक मतदाता पंजीकरण अधिकारियों (एईआरओ) का बचाव करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘अगर बंगाल सरकार के अधिकारियों को (निर्वाचन आयोग द्वारा) निशाना बनाया जाता है, तो हम उनकी शत-प्रतिशत रक्षा करेंगे और जिन्हें पदावनत किया गया है उन्हें पदोन्नत करेंगे।’’

बनर्जी ने दावा किया कि राज्य में एसआईआर को लेकर चिंता और काम से संबंधित दबाव के कारण 160 लोगों की जान चली गई।

भाषा आशीष अविनाश

अविनाश


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