ममता ने निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र, तृणमूल विवाद का जल्द निपटारा करने की मांग की

ममता ने निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र, तृणमूल विवाद का जल्द निपटारा करने की मांग की

ममता ने निर्वाचन आयोग को लिखा पत्र, तृणमूल विवाद का जल्द निपटारा करने की मांग की
Modified Date: August 31, 2026 / 08:27 pm IST
Published Date: August 31, 2026 8:27 pm IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) तृणमूल कांग्रेस की अध्यक्ष ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग को एक पत्र लिखकर पार्टी पर बागी गुट के दावे की जांच जल्द पूरी करने की मांग की है।

सूत्रों के मुताबिक, पत्र के साथ उन्होंने पार्टी के एक विधायक के संदेश की प्रति भी सौंपी है। इस संदेश में कथित तौर पर संगठनात्मक बदलाव लाने के लिए ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी गुट की ओर से आयोजित विशेष बैठक की वैधता पर सवाल उठाए गए हैं।

निर्वाचन आयोग को 30 अगस्त को लिखे अपने पत्र में, ममता बनर्जी ने अमडांगा के विधायक पीरजादा कासिम सिद्दीकी के एक संदेश का जिक्र किया। सिद्दीकी पहले ऋतब्रत गुट का हिस्सा थे।

बनर्जी ने कहा कि इस संदेश में 22 जून को नोवोटेल कोलकाता में बागी विधायकों की ओर से बुलाई गई तृणमूल कांग्रेस की ‘विशेष बैठक’ को लेकर ‘‘प्रक्रिया और कानून से जुड़ी गंभीर अनियमितताओं और कमियों’’ की बात कही गई थी।

ममता बनर्जी के पत्र के अनुसार, सिद्दीकी ने 25 अगस्त को मुख्य निर्वाचन आयुक्त को भेजे एक ईमेल में बताया था कि कथित विशेष बैठक के बारे में पार्टी के सदस्यों और हितधारकों को कोई पूर्व सूचना या जानकारी नहीं दी गई थी।

पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि सिद्दीकी के संदेश में स्पष्ट तौर पर कहा गया था कि नोवोटेल में हुई प्रक्रिया में बुनियादी अनियमितताएं थीं और इसे कानून की नजर में वैध प्रक्रिया नहीं माना जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिद्दीकी के संदेश से उनकी पार्टी का पहले का दावा और पुख्ता हो गया कि ऋतब्रत बनर्जी, अरूप रॉय और अन्य लोगों द्वारा तृणमूल कांग्रेस का कथित पुनर्गठन ‘‘पूरी तरह से गैर-कानूनी, दुर्भावनापूर्ण और पार्टी के स्थापित संगठनात्मक और संवैधानिक ढांचे के खिलाफ’’ था।

उन्होंने निर्वाचन आयोग से अनुरोध किया कि जब वह ऋतब्रत बनर्जी द्वारा लगाए गए आरोपों की जांच करे, तो सिद्दीकी के संदेश के साथ-साथ उनके द्वारा रिकॉर्ड पर रखे गए सभी तथ्यों और दस्तावेजों पर भी विचार करे।

ममता बनर्जी ने आयोग से अनुरोध किया कि वह दो जुलाई को शुरू की गई अपनी जांच को जल्द से जल्द पूरा करे।

भाषा सुभाष माधव

माधव


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