पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के विरोध में ममता इलेक्ट्रिक स्कूटर से कार्यालय पहुंची

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पेट्रोल की बढ़ी कीमतों के विरोध में ममता इलेक्ट्रिक स्कूटर से कार्यालय पहुंची

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  • Publish Date - February 25, 2021 / 10:45 AM IST,
    Updated On - November 29, 2022 / 08:40 PM IST

कोलकाता, 25 फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने पेट्रोल-डीजल के दामों में वृद्धि के खिलाफ बृहस्पतिवार को अनोखे तरीके से विरोध दर्ज कराया। वह इलेक्ट्रिक स्कूटर पर बैठकर राज्य सचिवालय ‘नबान्न’ पहुंचीं।

स्कूटर राज्य सरकार में मंत्री एवं कोलकाता के महापौर फरहाद हकीम चला रहे थे।

स्कूटर पर सवार ममता बनर्जी ने गले में तख्ती टांग रखी थी, जिसपर ईंधन के दाम में वृद्धि के खिलाफ नारे लिखे थे, उन्होंने हेलमेट पहन रखा था और हाजरा मोड़ से राज्य सचिवालय के बीच सात किलोमीटर का सफर स्कूटर पर तय करते हुए सड़क के दोनों ओर लोगों का हाथ हिलाकर अभिवादन किया।

करीब 45 मिनट के सफर के बाद ‘नबान्न’ पहुंची ममता बनर्जी ने भाजपा नीत केंद्र सरकार की आलेचना करते हुए कहा, ‘‘हम ईंधन की कीमतों में वृद्धि का विरोध कर रहे हैं। मोदी सरकार केवल झूठे वादे करती है। उन्होंने (केंद्र) ईंधन की कीमत को कम करने के लिए कुछ नहीं किया। आप मोदी सरकार के सत्ता में आने और अब के पेट्रोल की कीमतों में अंतर को देख सकते हैं।’’

उन्होंने कहा कि तृणमूल कांग्रेस शुक्रवार से ईंधन के दामों में वृद्धि के खिलाफ प्रदर्शन शुरू करेगी।

बनर्जी ने कहा, ‘‘ सत्ता में आने से पहले भाजपा ने लोगों को मुफ्त में एलपीजी कनेक्शन देने का वादा किया था और अब वह ईंधन के दाम बढ़ा रही है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मोदी (प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी) और शाह (केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह) देश को बेच रहे हैं। वे मुनाफा कमाने वाले सार्वजनिक उपक्रमों को बेच रहे हैं। यह जनविरोधी, महिला विरोधी, युवा विरोधी एवं किसान विरोधी सरकार है।’’

तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ने अहमदाबाद स्थित सरदार पटेल स्टेडियम, जिसे मोटेरा स्टेडियम के नाम से भी जाना जाता है, का नामकरण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर करने की भी भाजपा सरकार की आलोचना की।

बनर्जी ने मखौल उड़ाते हुए कहा, ‘‘जिस तरह से उन्होंने स्टेडियम का नाम बदला, कौन जानता है, आने वाले दिनों में देश का नाम भी बदल दे।’’

अपने अनोखे विरोध पर मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘जिस तरह से पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कीमत बढ़ रही है उसका विरोध करने के लिए मैंने ई-स्कूटर की सवारी की।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मध्यम वर्ग परिवार को महीने में दो एलपीजी सिलेंडर चाहिए लेकिन अब वह इन्हें खरीद नहीं पा रहा। हमारे राज्य में एक करोड़ लोग किरासन तेल पर निर्भर हैं जो अब उन्हें नहीं मिल रहा।’’

बनर्जी ने कहा कि वह शाम को वापस भी ई-स्कूटर से ही जाएंगी।

हालांकि, विपक्षी पार्टियों ने इस प्रदर्शन को ‘चुनावी स्टंट’ करार दिया है।

भाजपा नेता जय प्रकाश मजूमदार ने कहा, ‘‘मुख्यमंत्री चुनाव से पहले अनोखे तरीके से नाटक कर रही हैं लेकिन राज्य सरकार ईंधन के दाम में मामूली कमी लाने के लिए भी कुछ नहीं कर रही है।’’

पश्चिम बंगाल विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता अब्दुल मन्नान ने कहा, ‘‘यह कुछ और नहीं बस चुनावी स्टंट है। क्यों नहीं सरकार आम लोगों की मदद के लिए उपकर को वापस लेती है, जिसका ईंधन की कीमत पर काफी प्रभाव पड़ेगा।’’

वाम मोर्चा के नेता सुजान चक्रवर्ती ने ईंधन की कीमतों में वृद्धि के खिलाफ बनर्जी के प्रदर्शन की तुलना उनकी लालगढ आंदोलन के दौरान पूर्व पीसीएपीए नेता छत्रधर महतो की मोटरसाइकिल पर की गई यात्रा से की।

उन्होंने कहा, ‘‘बनर्जी ने राज्य की सत्ता में आने से पहले जंगलमहल इलाके का दौरा छत्रधर महतो की मोटरसाइकिल पर बैठकर किया था और बाद में इलाके के लोगों ने तृणमूल कांग्रेस के भय और आतंक को देखा।’’

भाषा धीरज दिलीप

दिलीप