Vijeta Dahiya Statement: 'मुझे बलि का बकरा बना दिया'... प्रवक्ता पद से हटाए जाने पर छलका विजेता दहिया का दर्द, अभिजीत को लेकर ये क्या बोल गए, सुनिए Image: x
नई दिल्ली। Vijeta Dahiya Statement: नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर जंतर-मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी का प्रदर्शन पिछले कई दिनों से लगातार कर रही है। इसी बीच CJP पार्टी के प्रवक्ता विजेता दहिया (Vijeta Dahiya Resign) का हाल ही में बर्गर खाते वीडियो सामने आया था। जिस पर पार्टी ने एक्शन लेते हुए मंगलवार को विजेता दहिया को कॉकरोच जनता पार्टी के प्रवक्ता पद से हटा दिया गया। वहीं पार्टी के द्वारा उन पर लिए गए फैसले पर विजेता दहिया का बयान सामने आया है। उन्होंने एक वीडियो में कहा कि मुझे तो बलि का बकरा बना दिया गया।
विजेता दहिया ने एक वीडियो में कहा कि जब मैं जंतर-मंतर से घर आ रहा था तो मेट्रो पर और दूसरा जब जंतर मंतर आ रहा था तब… मनुवादी आ गए वहां पर और मेरे साथ धक्का मुक्की भी की। काफी लोगों के फोन आ रहे थे कि विजेता तुम सेफ तो हो ना कोई दिक्कत तो नहीं हुई।
विजेता दहिया ने आगे बताया कि इसी बीच देखता हूं कि अभिजीत का फोन आ रहा है। मैंने सोचा यह तो अच्छी बात है। मैंने सोचा कुशलता के बारे में पूछेंगे। लेकिन उन्होंने अचानक कहा कि विजेता मत आओ। मैंने पूछा क्यों? क्या हुआ? उन्होंने कहा कि नहीं-नहीं आपका बर्गर वाला मामला हो गया। मैंने कहा कि ट्रोलर्स जो बकवास कर रहे हैं वो तो करें लेकिन आप लोग तो देख रहे हैं ना कि मैं पिछली दो रातों से वहां हूं।
विजेता दहिया (Vijeta Dahiya Statement) ने कहा कि हमारी मार्च 9 बजे शुरू होनी थी। वह लेट हुई। फिर मैं मार्च में भी गया। फिर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे। मेरी आंखों में जलन हो रही थी। मैं दूसरी ओर से घूमकर केरला हाउस वाले इलाके में पहुंचा। मैंने कहा कि अभिजीत तुम तो यह देख रहे हो ना। फिर उन्होंने कहा कि नहीं-नहीं वह वीडियो बहुत वायरल हो रहा है। फिर मैंने कहा कि अभिजीत जब तुम कचौड़ी खा रहे थे। वह भी तो वायरल हुई थी। तब तो हम तुम्हारे साथ थे।
Vijeta Dahiya ने कहा कि तब तो हमने तुम्हारा बचाव किया। मार्च के बारे में अब भी लोग कह रहे हैं कि अभिजीत तो खुद को बचाने के लिए ट्रक पर चढ़ गया। फिर भी मैंने आपका बचाव किया है। अभिजीत को थप्पड़ भी लगे हैं। मुझे भी धमकियां मिली हैं। एक ऐसे समय जब मैं उस प्रोपेगेंडा से लड़ रहा था तब पता चलता है कि टीम के साथियों ने ही मुझे बलि का बकरा बना दिया तो बुरा तो लगा जबकि आलोचना करने वाले प्रदर्शनकारी नहीं थे।
दहिया ने आगे कहा कि मुझे ट्रोल करने वाले मनुवादी थे। उनको मेरी इस बात से दिक्कत थी कि प्रेमानंद मेरे लिए महाराज नहीं हैं। मैं फिर से कहता हूं कि यदि आप आसाराम को राम और कृष्ण से तुलना करेंगे तो मेरे लिए महाराज नहीं हैं। मुझे बाहर का रास्ता दिखाना कोई जिम्मेदारी का काम नहीं है। यह घुटने टेकने वाली बात है। इस वजह से मुझको बुरा लगा लेकिन उनको लगता है कि इससे आंदोलन को फायदा होगा तो यह अच्छी बात है।
My own CJP colleagues made me the scapegoat. Abhijeet Dipke called me and told me not to come .
He himself had climbed onto the truck. I defended him too.
Vijeta Dahiya is now exposing Dipke gang . pic.twitter.com/fkVl9LxxgI
— Surbhi (@SurrbhiM) July 22, 2026
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