महाराष्ट्र बंद से पहले 3,500 वीबीए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया: प्रकाश आंबेडकर

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महाराष्ट्र बंद से पहले 3,500 वीबीए कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया: प्रकाश आंबेडकर

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  • Publish Date - July 23, 2026 / 10:53 AM IST,
    Updated On - July 23, 2026 / 10:53 AM IST

मुंबई, 23 जुलाई (भाषा) वंचित बहुजन आघाडी (वीबीए) के प्रमुख प्रकाश आंबेडकर ने दावा किया है कि उनकी पार्टी के लगभग 3,500 कार्यकर्ताओं को 23 जुलाई को पार्टी द्वारा बुलाए गए राज्यव्यापी बंद से पहले हिरासत में ले लिया गया।

पार्टी ने केंद्र की शिक्षा नीतियों तथा दिल्ली में छात्रों और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई के विरोध में इस बंद का आह्वान किया है।

आंबेडकर ने पत्रकारों से कहा, ‘‘वीबीए के लगभग 3,500 कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया गया है। दुर्भाग्य से, राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) के प्रश्नपत्र लीक के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। हर जगह भारी पुलिस बल तैनात है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है।’’

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का एक धड़ा टकराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने दावा किया, ‘‘आरएसएस का एक गुट टकराव चाहता है। यह गुट वीबीए कार्यकर्ताओं और समर्थकों को डराने-धमकाने की कोशिश कर रहा है। यह गुट भाजपा का समर्थक है, इसलिए टकराव चाहता है। इस टकराव से राज्य सरकार को फायदा होगा।’’

इससे पहले आंबेडकर ने लोगों से 23 जुलाई को राज्यव्यापी बंद में शामिल होने की अपील की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि केंद्र सरकार की शिक्षा नीतियों का मकसद युवाओं में तार्किक सोच और शिक्षा को हतोत्साहित करना है।

बंद की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा था, ‘‘केंद्र सरकार नहीं चाहती कि लोग शिक्षित हों क्योंकि शिक्षा समझ बढ़ाती है और तार्किक सोच को बढ़ावा देती है। यही वजह है कि मौजूदा सरकार नहीं चाहती कि युवाओं को यह मिले।’’

उन्होंने पूरे महाराष्ट्र के लोगों से इस आंदोलन में शामिल होने की अपील की और कहा कि उन्होंने राज्य के किसी भी राजनीतिक दल के नेता के साथ प्रस्तावित बंद के बारे में कोई चर्चा नहीं की है।

आंबेडकर ने यह भी आरोप लगाया कि दिल्ली में समर्थकों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने ‘पैलेट गन’ का इस्तेमाल किया और कहा कि ऐसी कार्रवाई संयुक्त राष्ट्र के परामर्शों के खिलाफ थी। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की पिटाई की गई और उन पर बेरहमी से बल प्रयोग किया गया।

उन्होंने दावा किया कि केंद्र सरकार की शिक्षा प्रणाली में भ्रष्टाचार सामने आया है और कहा कि इसी के विरोध में 23 जुलाई को बंद का आह्वान किया गया।

भाषा सुरभि गोला

गोला