गुरुग्राम में साइबर धोखाधड़ी के मामले में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति गिरफ्तार
गुरुग्राम में साइबर धोखाधड़ी के मामले में बैंक खाता उपलब्ध कराने वाला व्यक्ति गिरफ्तार
गुरुग्राम, आठ जून (भाषा) पुलिस ने एक महिला को धन शोधन और मादक पदार्थ तस्करी के झूठे आरोपों में फंसाने की धमकी देकर की गई 8.30 लाख रुपये की साइबर धोखाधड़ी के मामले में कथित तौर पर अपना बैंक खाता उपलब्ध कराने वाले एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि पुलिस ने आरोपी को पांच जून को उत्तर प्रदेश के हापुड़ से गिरफ्तार किया और उसके पास से अपराध में इस्तेमाल किया गया एक मोबाइल फोन बरामद किया।
साइबर अपराध थाना (पूर्व) में 31 मई को दर्ज कराई गई अपनी शिकायत में एक महिला ने बताया कि उन्हें व्हाट्सऐप पर एक कॉल आई थी। कॉल करने वालों ने खुद को सरकारी और कानून प्रवर्तन अधिकारी बताते हुए कहा कि उनके लैंडलाइन नंबर और पहचान दस्तावेजों का इस्तेमाल कथित तौर पर धन शोधन, मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य अवैध गतिविधियों में किया जा रहा है।
धोखेबाजों ने महिला को गिरफ्तारी और कानूनी कार्रवाई की धमकी देकर ‘डिजिटल अरेस्ट’ कर लिया और डरा-धमकाकर विभिन्न बैंक खातों में पैसे स्थानांतरित करवा लिए। पुलिस ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था।
साइबर अपराध थाना (पूर्व) के प्रभारी अमित के नेतृत्व में पुलिस के एक दल ने मामले की जांच की और पांच जून को उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के निवासी विजय कुमार को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
गुरुग्राम पुलिस के एक प्रवक्ता ने बताया, ‘पूछताछ के दौरान पता चला कि इस मामले में ठगी गई राशि में से 8.30 लाख रुपये कुमार के बैंक खाते में अंतरित किए गए थे। आरोपी ने खुलासा किया कि उसने 50,000 रुपये के बदले अपना बैंक खाता किसी अन्य आरोपी को उपलब्ध कराया था।’
उन्होंने बताया कि साइबर धोखाधड़ी की रकम इसी बैंक खाते में प्राप्त हुई थी। पुलिस दल पैसों के लेनदेन, अन्य खाताधारकों और इस साइबर धोखाधड़ी में शामिल अन्य आरोपियों के संबंध में गहन पूछताछ कर रही है।
भाषा सुमित माधव
माधव

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