मणिपुर में एनआरसी की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद से जनजीवन ठप, मुख्यमंत्री ने की अपील

मणिपुर में एनआरसी की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद से जनजीवन ठप, मुख्यमंत्री ने की अपील

मणिपुर में एनआरसी की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद से जनजीवन ठप, मुख्यमंत्री ने की अपील
Modified Date: September 1, 2026 / 06:39 pm IST
Published Date: September 1, 2026 6:39 pm IST

(फोटो के साथ)

इंफाल, एक सितंबर (भाषा) मणिपुर में एनआरसी लागू करने की मांग को लेकर एक संगठन के आह्वान पर हुए 24 घंटे के बंद से मंगलवार को जनजीवन प्रभावित रहा। इस बीच मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने लोगों से बंद का आह्वान करने से बचने और दूसरे तरीकों से आंदोलन करने की अपील की।

‘उचित एवं निष्पक्ष परिसीमन’ (जेएफडी) अभियान ने जनगणना कराने से पहले एनआरसी को अद्यतन करने और लागू करने की मांग को लेकर 24 घंटे के बंद का आह्वान किया था। हालांकि, केंद्र सरकार ने सोमवार को राज्य में जनगणना की प्रक्रिया टाल दी थी।

बाजार और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद रहे तथा सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहा।

अधिकारियों ने बताया कि शैक्षणिक संस्थान भी बंद रहे, जबकि इंफाल पूर्व, इंफाल पश्चिम, थौबल, बिष्णुपुर और काकचिंग जिलों में सार्वजनिक वाहन नहीं चले।

सड़कों पर कुछ निजी वाहन चलते दिखाई दिए। थौबल जिले के याइरिपोक में बंद समर्थकों ने सड़कों के बीच बांस के खंभे लगाकर यातायात रोक दिया।

बिष्णुपुर जिले के कुछ हिस्सों में बंद समर्थकों ने सुरक्षा बलों के वाहनों को रोक दिया और उन पर ‘‘एनआरसी नहीं, जनगणना नहीं’’ लिखे पोस्टर चिपका दिए।

मैतेई और नगा समुदायों में यह आशंका है कि एनआरसी के बिना जनगणना कराने से राज्य में ‘‘जनसांख्यिकीय बदलाव’’ हो सकता है। उनका आरोप है कि पड़ोसी म्यांमा से अवैध प्रवासी राज्य में प्रवेश कर रहे हैं, जिनके कुकी समुदाय के लोगों के साथ जातीय संबंध हैं।

मंगलवार को नयी दिल्ली से इंफाल पहुंचे मुख्यमंत्री ने लोगों से विरोध के दूसरे तरीकों को अपनाने की अपील की।

सिंह ने कहा, ‘‘ऐसे समय में जब राज्य मुश्किल दौर से गुजर रहा है, तब भी बार-बार बंद का आह्वान किया जा रहा है। इससे दिहाड़ी कर्मचारियों और छात्रों पर सबसे ज्यादा असर पड़ता है।’’

उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य सरकारें लोगों की इच्छाओं को जानती हैं।

सिंह ने सोमवार को नयी दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में हिस्सा लिया था। इसी बैठक में जनगणना की प्रक्रिया को रोकने का फैसला लिया गया।

यह घटनाक्रम ऐसे समय हुआ जब जातीय हिंसा से प्रभावित राज्य में जनगणना के तहत घरों की सूची बनाने का काम एक सितंबर से शुरू होना था।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा ऐसी पार्टी है जो मणिपुर और उसके लोगों के कल्याण को लेकर चिंतित है। केंद्रीय नेता—प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और अन्य—लोगों की इच्छाओं को अच्छी तरह जानते हैं।’’

भाजपा कार्यालय में सम्मानित किए गए मुख्यमंत्री ने सभा को यह भी बताया कि शाह अक्टूबर में राज्य का दौरा करेंगे।

उन्होंने कहा, ‘‘2017 से राज्य में भाजपा सरकार का पहला कार्यकाल इतिहास में मणिपुर में शांति के दौर के रूप में दर्ज रहेगा, जब कोई बंद और नाकेबंदी नहीं हुई थी।’’

बाद में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में सिंह ने कहा कि उन्होंने जनगणना की प्रक्रिया टाले जाने के संबंध में शाह के साथ हुई बैठक के नतीजे से पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं को अवगत कराया।

उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का केंद्रीय नेतृत्व मणिपुर के लोगों की भावनाओं, आकांक्षाओं और चिंताओं से पूरी तरह अवगत है।’’

सिंह ने कहा, ‘‘राज्य सरकार मणिपुर में शांति, सामान्य स्थिति और स्थिरता बहाल करने के अपने प्रयासों पर दृढ़ता से काम कर रही है।’’

उन्होंने समाज के सभी वर्गों से स्थायी शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

भाषा जोहेब माधव

माधव


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