बम हमले में दो बच्चों की मौत के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक की
बम हमले में दो बच्चों की मौत के बाद मणिपुर के मुख्यमंत्री ने उच्चस्तरीय बैठक की
इंफाल, सात अप्रैल (भाषा) मणिपुर के बिष्णुपुर जिले में एक बम हमले में दो बच्चों की मौत के बाद मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने मंगलवार को राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के लिए एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की।
सिंह ने कहा कि उनकी सरकार जल्द से जल्द शांति और स्थिरता बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘आज सचिवालय में माननीय विधायकों के साथ एक उच्चस्तरीय बैठक की अध्यक्षता की, ताकि मौजूदा स्थिति की समीक्षा की जा सके और तनाव कम करने के लिए आवश्यक उपायों पर विचार-विमर्श किया जा सके।’’
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘शांति और सामान्य स्थिति बाधित होने के बीच हम जल्द से जल्द स्थिरता बहाल करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। सरकार शांति स्थापित करने, जनता की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पूरे राज्य में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी संभावित विकल्पों पर सक्रिय रूप से विचार कर रही है और निर्णायक कदम उठा रही है।’’
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि घटना रात करीब एक बजे हुई, जब संदिग्ध उग्रवादियों ने मोइरांग ट्रोंगलाओबी इलाके में एक घर पर बम फेंका, जिससे पांच साल के एक लड़के और छह महीने की एक बच्ची की मौत हो गई।
वहीं, एक अन्य अधिकारी ने बताया कि आज सुबह स्थानीय लोगों ने विरोध प्रदर्शन किया और इलाके में एक पेट्रोल पंप के पास दो तेल टैंकरों तथा एक ट्रक में आग लगा दी। उन्होंने कहा कि भीड़ ने मोइरांग थाने के सामने टायर जलाए और पुलिस की एक अस्थायी चौकी को भी नष्ट कर दिया।
अधिकारी ने कहा कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए इलाके में सुरक्षाबल तैनात किए गए हैं।
सिंह ने एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यह भी कहा कि राज्य में हिंसा की इस नयी घटना को उनकी दो महीने पुरानी सरकार को अस्थिर करने के उद्देश्य से अंजाम दिया गया।
उन्होंने कहा, ‘‘जब भी सरकार राज्य में शांति कायम करने के लिए कदम उठाती है, तो हम अक्सर छिटपुट हिंसा देखते हैं।’’
मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया, ‘‘जब राज्य धीरे-धीरे सामान्य स्थिति की ओर लौट रहा है, तब मौजूदा शांति प्रक्रिया को पटरी से उतारने के लिए निहित स्वार्थी तत्व काम कर रहे हैं।’’
उन्होंने लोगों से बंद, नाकेबंदी और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुँचाने जैसी गतिविधियों से दूर रहने की भी अपील की।
मई 2023 से मणिपुर में मेइती और कुकी-ज़ो समूहों के बीच हुई जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हज़ारों लोग बेघर हुए हैं।
भाषा नेत्रपाल दिलीप
दिलीप

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