मणिपुर: सुरक्षा बलों ने हथियारबंद समूहों की कैद में फंसे लोगों को छुड़ाने के लिए अभियान शुरू किया

मणिपुर: सुरक्षा बलों ने हथियारबंद समूहों की कैद में फंसे लोगों को छुड़ाने के लिए अभियान शुरू किया

मणिपुर: सुरक्षा बलों ने हथियारबंद समूहों की कैद में फंसे लोगों को छुड़ाने के लिए अभियान शुरू किया
Modified Date: May 18, 2026 / 09:54 am IST
Published Date: May 18, 2026 9:54 am IST

इंफाल, 18 मई (भाषा) सुरक्षा बलों ने मणिपुर के कांगपोकपी जिले में हथियारबंद समूहों द्वारा बंधक बनाए गए लोगों को बचाने के लिए अभियान शुरू किया है। पुलिस ने सोमवार को यह जानकारी दी।

इस मामले में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सभी लापता लोगों को बचाने और बंधक बनाने में जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार करने के लिए सुरक्षा बल पर्वतीय जिले के विभिन्न हिस्सों को अपने नियंत्रण में लेने का अभ्यास और तलाशी अभियान भी चला रहे हैं।

कांगपोकपी और सेनापति जिलों में हथियारबंद समूहों द्वारा बंधक बनाए गए कुकी और नगा समुदायों के लगभग 38 लोगों में से 31 को 14 और 15 मई को रिहा कर दिया गया था।

कांगपोकपी में 13 मई को संदिग्ध उग्रवादियों ने गिरजाघर के तीन पदाधिकारियों की गोली मारकर हत्या कर दी थी और चार अन्य घायल हो गए थे, जबकि नोनी जिले में एक आम नागरिक की गोली मारकर हत्या कर दी गई और उसकी पत्नी घायल हो गई। इसके बाद इन लोगों को अज्ञात स्थानों पर ले जाया गया था।

पुलिस के बयान में कहा गया है, ‘‘लापता व्यक्तियों को बचाने के लिए जारी अभियानों के तहत कांगपोकपी जिले के लेइलोन वाइफेई और खराम वाइफेई गांवों के उत्तर-पश्चिम में स्थित पर्वतीय क्षेत्रों में सुरक्षा बलों ने तलाशी अभियान चलाया।’’

कांगपोकपी के कोंसखुल गांव की 12 नगा महिलाएं और सेनापति जिले के कुकी समुदाय के चार पुरुष और 10 महिलाएं उन लोगों में शामिल थीं जिन्हें सुरक्षा बलों के हवाले कर दिया गया।

इससे पूर्व पुलिस ने कहा था कि प्रशासन, सुरक्षा बलों, राजनीतिक दलों के नेताओं और नागरिक संगठनों के ‘‘सामूहिक प्रयासों’’ के परिणामस्वरूप ‘‘हिरासत में लिए गए विभिन्न समुदायों से संबंधित अधिकतर नागरिकों को सुरक्षित रूप से रिहा करा लिया गया है’’।

इस बीच राज्य में नगा जनजातियों की शीर्ष संस्था ‘यूनाइटेड नगा काउंसिल’ रविवार रात से राष्ट्रीय राजमार्ग दो और 37 पर अंतर-जिला नाकाबंदी कर रही है। वे छह नगा पुरुषों की रिहाई की मांग कर रहे हैं जिनके उग्रवादियों के कब्जे में होने का संदेह है।

राज्य में कुकी जनजातियों की शीर्ष संस्था ‘कुकी इनपी मणिपुर’ ने भी दावा किया है कि समुदाय के 14 सदस्य अब भी लापता हैं और सेनापति जिले में विभिन्न समूहों द्वारा बंधक बनाए गए हैं।

भाषा सुरभि वैभव

वैभव


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