मणिपुर की महिला ने नियोक्ताओं पर मारपीट का लगाया आरोप, प्राथमिकी दर्ज
मणिपुर की महिला ने नियोक्ताओं पर मारपीट का लगाया आरोप, प्राथमिकी दर्ज
बेंगलुरु, 11 मई (भाषा) मणिपुर की 23-वर्षीय एक महिला ने आरोप लगाया है कि स्थानीय आईआईएम परिसर में उसके नियोक्ताओं द्वारा कई मौकों पर उसका उत्पीड़न किया गया और मारपीट की गई। यह जानकारी पुलिस ने सोमवार को दी।
पुलिस ने बताया कि कथित अपराध एक जून, 2021 और चार मई, 2026 के बीच हुए।
पुलिस के अनुसार, महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि वह लगभग छह वर्षों से अपने नियोक्ताओं- अमर और अंशु- के बच्चों की देखभाल करने का काम कर रही थी और उनके साथ आईआईएम-बी परिसर में रह रही थी।
पुलिस के अनुसार, महिला ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि 2021 से, नियोक्ताओं द्वारा उसे कथित तौर पर पर्याप्त भोजन नहीं दिया जा रहा था। उसने यह भी आरोप लगाया कि जब भी वह बीमार पड़ती थी, तो वे (नियोक्ता) उसके साथ मारपीट करते थे और उसका मोबाइल फोन छीन लेते थे।
महिला ने अपनी शिकायत में कहा कि उसे घटनाओं की सही तारीखें और समय याद नहीं हैं, लेकिन उसने आरोप लगाया कि दंपति ने कई मौकों पर उसके साथ मारपीट की।
महिला ने आरोप लगाया कि शारीरिक हमले की आखिरी घटना 15 अप्रैल को देर रात हुई, जब उसकी नियोक्ता अंशु ने कथित तौर पर उसके बाल खींचे और उस पर हमला किया।
प्राथमिकी के अनुसार, नियोक्ताओं ने उस पर कथित तौर पर कई बार तब हमला किया जब वह दूसरों से बात करती थी, लेकिन उसने डर के मारे किसी को इसके बारे में नहीं बताया।
पुलिस ने बताया कि महिला ने यह भी आरोप लगाया कि उसके नियोक्ता उसके मोबाइल फोन पर संदेश देखते थे और उसे घर से बाहर जाने से रोकते थे। उसने आरोप लगाया कि चार मई को उसे सुबह से खाना नहीं दिया गया, जिसके बाद उसने पड़ोसियों से मदद मांगी, जिन्होंने उसे खाना दिया।
एक पड़ोसी के फोन का इस्तेमाल करके उसने अपनी मौसी को सूचना दी, जो बेंगलुरु में रहती हैं और कुकी स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन, बेंगलुरु की अध्यक्ष हैं।
महिला की शिकायत के बाद, छह मई को मीको लेआउट पुलिस थाने में भारतीय न्याय संहिता की धारा 115(2) (स्वेच्छा से चोट पहुंचाना) और 127(4) (गलत तरीके से कैद करना) के तहत एक मामला दर्ज किया गया।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘सभी आरोपों की जांच की जा रही है और मामला फिलहाल जांच के तहत है।’
भाषा अमित सुरेश
सुरेश

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