मांझी ने अनुसूचित जाति-जनजाति के सांसदों को बोलने का अधिक समय देने के लिए बिरला को पत्र लिखा

मांझी ने अनुसूचित जाति-जनजाति के सांसदों को बोलने का अधिक समय देने के लिए बिरला को पत्र लिखा

मांझी ने अनुसूचित जाति-जनजाति के सांसदों को बोलने का अधिक समय देने के लिए बिरला को पत्र लिखा
Modified Date: September 26, 2026 / 01:13 pm IST
Published Date: September 26, 2026 1:13 pm IST

नयी दिल्ली, 26 सितंबर (भाषा) केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर संसद में महत्वपूर्ण विधेयकों पर चर्चा के दौरान अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) समुदायों से संबंधित सांसदों को बोलने का पर्याप्त समय देने के अनुरोध पर कार्रवाई करने की मांग की।

अपने पत्र में मांझी ने कहा कि मध्यप्रदेश के खरगोन का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा सांसद गजेंद्र सिंह पटेल ने पांच अगस्त को मांझी के दिल्ली स्थित आवास पर आयोजित ‘‘राजग सांसद समूह संवाद बैठक’ के दौरान यह मुद्दा उठाया था।

मंत्री ने कहा कि पटेल ने विशेष रूप से अनुरोध किया था कि एससी-एसटी सांसदों को सदन में अपने समुदायों से जुड़े मुद्दे उठाने के लिए पर्याप्त अवसर दिया जाए।

मांझी ने लोकसभा अध्यक्ष से पटेल के अनुरोध पर आगे कार्रवाई करने और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी करने का अनुरोध किया है।

‘पीटीआई-भाषा’ से बातचीत में पटेल ने पुष्टि की कि उन्होंने यह मुद्दा उठाया था और कहा कि एससी-एसटी सांसदों को दिया जाने वाला समय और बढ़ाया जाना चाहिए, क्योंकि किसी राजनीतिक दल को आवंटित समय उसके सांसदों के बीच विभाजित हो जाता है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा नहीं है कि हमें समय नहीं मिलता, लेकिन हमें और अधिक समय मिलना चाहिए। एससी-एसटी समुदायों से जुड़े अधिक मुद्दे उठाए जाने चाहिए।’’

भाषा संतोष रंजन

रंजन


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