नयी दिल्ली, 28 सितंबर (भाषा) लेखिका और चित्रकार मंजुला पद्मनाभन अपनी तीन किताबों की चर्चित श्रृंखला ‘मेइजी’ की बहुप्रतीक्षित अंतिम कड़ी ‘जोन’ के साथ वापस आई हैं। यह किताब उनकी दूसरी पुस्तक ‘द आइलैंड ऑफ लॉस्ट गर्ल्स’ के प्रकाशन के एक दशक बाद प्रकाशित हुई है।
‘हाशेत इंडिया’ द्वारा प्रकाशित इस अंतिम भाग में मेइजी नाम की मुख्य पात्र की यात्रा को दर्शाया गया है। यह कहानी भविष्य के एक ऐसे काल्पनिक महाद्वीप ‘जोन’ में रची गई है जहां कोई कानून नहीं है और जिसे आज अफ्रीका के नाम से जाना जाता है।
अमेरिका में रहने वाली लेखिका पद्मनाभन ने कहा, ‘शुरुआती दो किताबों में मुख्य पात्र मेइजी अक्सर आत्म-संदेह से घिरी रहती थी और चुप रहती थी। लेकिन ‘जोन’ में वह गुस्से से भरी, अपनी बात मुखरता से रखने वाली और जीवंत दिखाई देती है। उसके जीवन को पन्नों पर उतारना मेरे लिए बेहद सुखद अनुभव रहा। हर कदम पर मेरा समर्थन करने के लिए मैं अपने प्रकाशक और संपादकों की दिल से आभारी हूं।’
मंजुला पद्मनाभन की रचनाओं में उपन्यास, नाटक, बाल साहित्य और कॉमिक्स शामिल हैं।
‘जोन’ के विमोचन के साथ ही इस श्रृंखला की पहली दो किताबों ‘एस्केप’ और ‘द आइलैंड ऑफ लॉस्ट गर्ल्स’ के नए कवर पृष्ठ भी जारी किए जाएंगे।
भाषा सुमित मनीषा
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