मार्शल अर्जन सिंह की विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी: भारतीय वायु सेना, रक्षा मंत्रालय
मार्शल अर्जन सिंह की विरासत पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी: भारतीय वायु सेना, रक्षा मंत्रालय
नयी दिल्ली, 15 अप्रैल (भाषा) वायु सेना और रक्षा मंत्रालय ने मार्शल अर्जन सिंह की 107वीं जयंती पर बुधवार को उनकी विरासत को याद करते हुए उन्हें असाधारण नेतृत्व, साहस और दूरदर्शिता का प्रतीक बताया जिनकी राष्ट्र के प्रति सेवा वायु योद्धाओं की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहती है।
देश के सैन्य इतिहास में एक प्रतिष्ठित हस्ती रहे अर्जन सिंह भारतीय वायु सेना (आईएएफ) के पहले और एकमात्र अधिकारी थे जिन्हें 2002 में मार्शल की उपाधि प्रदान की गई थी।
अर्जन सिंह का जन्म 15 अप्रैल, 1919 को अविभाजित पंजाब के लायलपुर में हुआ था। उनके पिता, दादा और परदादा सभी घुड़सवार सेना में सेवा कर चुके थे।
सिंह ने 1965 के भारत-पाकिस्तान युद्ध में भारतीय वायु सेना का नेतृत्व किया था। उस वक्त उनकी उम्र 40 वर्ष के आसपास थी। उनका निधन सितंबर 2017 में 98 वर्ष की आयु में हुआ।
भारतीय वायु सेना और रक्षा मंत्रालय ने बुधवार को अधिकारी को श्रद्धांजलि दी तथा राष्ट्र के प्रति उनके योगदान और विरासत को याद किया।
वायु सेना ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह, डीएफसी की 107वीं जयंती पर वायु सेना देश के सबसे सम्मानित वायु योद्धाओं में से एक (अर्जन सिंह) को श्रद्धांजलि देती है। असाधारण नेतृत्व, साहस और दूरदर्शिता के प्रतीक, राष्ट्र के प्रति उनकी सेवा वायु योद्धाओं की पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।’’
वायु सेना ने कहा, ‘‘सिंह भारतीय वायु सेना के इतिहास में एकमात्र ऐसे अधिकारी थे जिन्हें विशिष्ट पांच सितारा रैंक से सम्मानित किया गया, उनकी विरासत सैन्य इतिहास के पन्नों में अंकित है।’’
इसके अलावा, वायु सेना ने अर्जन सिंह के करियर के दौरान ली गई तस्वीरों वाला एक पोस्टर भी साझा किया, जिसका कैप्शन था: ‘‘वायु सेना के मार्शल अर्जन सिंह को याद करते हुए – साहस, नेतृत्व और सेवा की एक अमर विरासत।’’
रक्षा मंत्रालय ने भी ‘एक्स’ पर पोस्ट कर अर्जन सिंह को श्रद्धांजलि दी और उनके करियर के कुछ प्रमुख बिंदुओं को साझा किया।
मंत्रालय ने पोस्ट में लिखा, ‘‘रक्षा मंत्रालय वायु सेना के दिग्गज योद्धा, मार्शल ऑफ एयर फोर्स, अर्जन सिंह डीएफसी को उनकी 107वीं जयंती पर श्रद्धांजलि देता है।’’
मंत्रालय ने कहा, ‘‘आज के दिन हम मार्शल द्वारा राष्ट्र और भारतीय वायु सेना के लिए किए गए योगदान को याद करते हैं। उनका शानदार व्यक्तित्व, पेशेवर दक्षता, नेतृत्व और रणनीतिक दूरदर्शिता उन्हें भारतीय वायु सेना की एक विशिष्ट शख्सियत बनाती है।’’
मंत्रालय द्वारा साझा किए गए उनके संक्षिप्त परिचय के अनुसार अर्जन सिंह भारतीय वायु सेना के एयर चीफ मार्शल के रूप में नियुक्त होने वाले पहले अधिकारी थे।
सिंह एक अत्यंत सम्मानित अधिकारी थे और उन्हें द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बर्मा (अब म्यांमा) अभियान में उनके नेतृत्व के लिए 1944 में विशिष्ट फ्लाइंग क्रॉस (डीएफसी) से सम्मानित किया गया था।
पिछले साल उनकी 106वीं जयंती पर वायु सेना ने उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में याद किया, जो ‘‘कमांड रूम से ही नहीं बल्कि कॉकपिट से नेतृत्व करते थे’’।
भाषा सुरभि नरेश
नरेश

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