Mata Vaishno Devi Institute of Medical MBBS Permission || Image- File Pic
श्रीनगर: राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) ने मानकों का पालन न करने के कारण जम्मू-कश्मीर स्थित श्री माता वैष्णो देवी संस्थान (Mata Vaishno Devi Institute of Medical MBBS Permission) की एमबीबीएस (MBBS) की अनुमति रद्द कर दी है। यह फैसला संस्थान में दाखिले की प्रक्रिया को लेकर हुए सियासी बवाल के बाद लिया गया है।
The National Medical Commission’s Medical Assessment and Rating Board (MARB) has withdrawn the Letter of Permission (LoP) granted to Shri Mata Vaishno Devi Institute of Medical Excellence, Kakryal, Reasi (Jammu & Kashmir), for running the MBBS course with 50 seats for the…
— ANI (@ANI) January 6, 2026
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार, राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग के चिकित्सा मूल्यांकन और रेटिंग बोर्ड (MARB) ने न्यूनतम मानकों का पालन न करने के कारण जम्मू और कश्मीर के रियासी स्थित श्री माता वैष्णो देवी इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एक्सीलेंस को दी गई अनुमति वापस ले ली है। सभी मौजूदा एमबीबीएस छात्रों को केंद्र शासित प्रदेश के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।
प्रवेश संबंधी आंकड़ों को लेकर कॉलेज (Mata Vaishno Devi Institute of Medical MBBS Permission) विवादों में फंस गया है। 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के लिए, पहले बैच के 50 छात्रों में से 42 मुस्लिम थे और एक सिख था। इस स्थिति ने जम्मू में कई जगहों पर जमकर हंगामा और बवाल हुआ था।
भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एनएमसी के फैसले का स्वागत किया। भाजपा विधायक आर.एस. पठानिया ने कहा, “मात्रा से अधिक गुणवत्ता: एनएमसी ने आवश्यक मानकों को पूरा न करने के कारण एसएमवीडीआईएमई (SMVDIME) में एमबीबीएस की 50 सीटों की अनुमति रद्द कर दी है। यह क्वालिटी एजुकेशन के लिए जरूरी है। प्रभावित प्रत्येक छात्र को अन्य केंद्र शासित प्रदेशों के कॉलेजों में अतिरिक्त सीटों पर सुचारू रूप से स्थानांतरित कर दिया जाएगा।”
एमएआरबी द्वारा मंगलवार को जारी एक आदेश में कहा गया है कि शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए काउंसलिंग के दौरान कॉलेज में प्रवेश पाने वाले सभी छात्रों को केंद्र शासित प्रदेश प्रशासन के सक्षम प्राधिकारी द्वारा अतिरिक्त सीटों के रूप में जम्मू और कश्मीर के अन्य चिकित्सा संस्थानों (Mata Vaishno Devi Institute of Medical MBBS Permission) में समायोजित किया जाएगा, एजेंसी ने अपनी रिपोर्ट में यह बात कही है।
इसका मतलब यह है कि प्रवेश प्राप्त किसी भी छात्र की एमबीबीएस सीट इस निर्णय के कारण रद्द नहीं होगी। इसके बजाय, उन्हें जम्मू और कश्मीर के अन्य मान्यता प्राप्त मेडिकल कॉलेजों में उनकी नियमित स्वीकृत सीटों के अतिरिक्त समायोजित किया जाएगा।