Iran Israel War Update/Image Source: ANI
दुबई: Iran Israel War Update: ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने शनिवार को पड़ोसी देशों पर हमलों के लिए माफी मांगी, जबकि उसकी ओर से खाड़ी अरब देशों की ओर मिसाइल और ड्रोन दागा जाना जारी है। इससे संकेत मिलता है कि तेहरान के राजनीतिक नेतृत्व का ईरान के सशस्त्र बलों पर पूर्ण नियंत्रण नहीं है। पेजेश्कियान ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बार-बार की आत्मसमर्पण की मांग भी खारिज कर दी। वह 28 फरवरी को हुए हवाई हमले के बाद युद्ध शुरू होने और ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद से ईरान की देखरेख करने वाली त्रिपक्षीय नेतृत्व परिषद के एक सदस्य हैं। उन्होंने यह संदेश इस संघर्ष के पूरे क्षेत्र में फैलने के ठीक एक सप्ताह बाद दिया। इस संघर्ष से वैश्विक बाजार और हवाई यात्रा प्रभावित हुई तथा ईरान का अपना नेतृत्व सैकड़ों इजराइली और अमेरिकी हवाई हमलों से काफी कमजोर हो गया है।
Iran Israel War Update: यह संदेश पेशेवर प्रसारण उपकरणों के बिना जल्दबाजी में रिकॉर्ड किया गया प्रतीत होता है। यह एक बार फिर इस बात को रेखांकित करता है कि ईरान के नेताओं का अपनी अर्धसैनिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड पर सीमित प्रभाव है, जो इजराइल और अन्य देशों को निशाना बनाने वाली मिसाइल को नियंत्रित करता है। यह रिवॉल्यूशनरी गार्ड केवल खामेनेई के प्रति जवाबदेह था और अब संघर्ष बढ़ने के साथ-साथ अपने लक्ष्य स्वयं चुनता प्रतीत हो रहा है। पेजेश्कियान के संदेश के तुरंत बाद, ट्रंप ने शनिवार को सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में चेतावनी दी कि युद्ध में और भी ईरानी अधिकारी निशाने पर आएंगे। उन्होंने लिखा, ‘‘आज ईरान पर जबरदस्त प्रहार किया जायेगा।’’ ट्रंप ने अपनी वेबसाइट ‘ट्रुथ सोशल’ पर ये टिप्पणियां कीं, जिसमें उन्होंने तेहरान के हमलों को लेकर ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान द्वारा पड़ोसी देशों से माफी मांगने का जिक्र किया। उन्होंने लिखा, ‘‘ईरान के खराब व्यवहार के कारण अब ऐसे इलाकों और लोगों के समूहों को भी निशाना बनाने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है, जिन्हें अब तक निशाना बनाने के बारे में नहीं सोचा गया था।’’
Iran Israel War Update: ईरानी राष्ट्रपति ने हमलों को लेकर खाड़ी अरब देशों में बढ़ते आक्रोश को शांत करने की कोशिश की। वहीं कुछ ही घंटे पहले, मिसाइल और ड्रोन हमलों ने दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों को बाधित किया। सऊदी अरब की एक प्रमुख तेल इकाई को निशाना बनाया और बहरीन में कई बार लोगों को जान बचाने के लिए भागने पर मजबूर कर दिया। पेजेश्कियान ने ईरान को अमेरिका के सामने बिना शर्त आत्मसमर्पण करने के लिए ट्रंप के आह्वान की भी आलोचना की। उन्होंने कहा, ‘‘यह एक ऐसा सपना है, जिसे उन लोगों को अपने साथ कब्र में ले जाना चाहिए।’’ पेजेश्कियान ने कहा, ‘‘मुझे उन पड़ोसी देशों से माफी मांगनी चाहिए जिन पर ईरान द्वारा हमला किया गया। अब से उन्हें पड़ोसी देशों पर हमला नहीं करना चाहिए और न ही उन पर मिसाइल दागनी चाहिए, जब तक कि वे देश हम पर हमला न करें। मेरा मानना है कि हमें इस समस्या का समाधान कूटनीति के माध्यम से करना चाहिए।’’
ईरान के सशस्त्र बलों के प्रवक्ता जनरल अबोलफजल शेखरची ने पेजेशकियान के बयान के बाद यह कहकर और भ्रम पैदा कर दिया कि तेहरान ने उन देशों पर हमला नहीं किया है जिन्होंने ‘‘अमेरिका को हमारे देश पर आक्रमण करने के लिए जगह नहीं दी।’’ अमेरिकी हमले खाड़ी अरब देशों से नहीं हो रहे हैं, जिन पर अब हमला हो रहा है। संभवतः मौजूदा राजनीतिक उथल-पुथल के जवाब में, शनिवार को ईरान के एक प्रमुख धर्मगुरु, अयातुल्ला नासिर मकारम शिराजी ने देश की विशेषज्ञ सभा से नये सर्वोच्च नेता का नाम जल्द से जल्द तय करने का आग्रह किया। युद्ध में 88 धर्मगुरुओं की समिति से जुड़े भवनों पर हवाई हमले हुए हैं, जिससे समूह की किसी भी बैठक में देरी होने की संभावना है। अमेरिका का कहना है कि आगे और भी भीषण बमबारी होगी।
Iran Israel War Update: संघर्ष खत्म होने की कोई उम्मीद नहीं दिख रही। ट्रंप प्रशासन ने इजराइल को 15.1 करोड़ अमेरिकी डॉलर के नये हथियार बिक्री की मंजूरी दे दी। वहीं ट्रंप ने कहा है कि ईरान के ‘बिना शर्त आत्मसमर्पण’ के बिना वे उससे बातचीत नहीं करेंगे। अमेरिकी अधिकारियों ने आगामी बमबारी अभियान की चेतावनी दी। संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत ने कहा कि देश अपनी रक्षा के लिए ‘सभी आवश्यक उपाय’ करेगा। एसोसिएटेड प्रेस के वीडियो में पश्चिमी तेहरान के ऊपर धमाका और धुआं उठता हुआ दिखाई दिया। इजराइल ने कहा कि उसने व्यापक स्तर पर हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिका और इज़राइल ने ईरान पर लगातार हमले किए हैं, जिनमें उसकी सैन्य क्षमताओं, नेतृत्व और परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाया गया है। देशों के अधिकारियों के अनुसार, इस लड़ाई में ईरान में कम से कम 1,230 लोग, लेबनान में 200 से अधिक और इजराइल में 11 लोग मारे गए हैं। छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।
शनिवार सुबह, ईरान से मिसाइल दागे जाने के कारण पूरे इजराइल में लोग बचने के लिए आश्रयों की ओर भागे। इस बीच यरुशलम में जोरदार धमाके सुनाई दिए। इजराइल की आपातकालीन सेवाओं ने तत्काल किसी के हताहत होने की सूचना नहीं दी। संघर्ष बढ़ने के साथ ही ईरान ने खाड़ी देशों पर हमले किए। दुबई में शनिवार सुबह कई धमाकों की आवाज सुनी गई और सरकार ने हवाई सुरक्षा प्रणाली सक्रिय कर दी। अलर्ट बजने के बाद दुबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उड़ानों का इंतजार कर रहे यात्रियों को विशाल हवाई अड्डे की सुरंगों में ले जाया गया। कतर के ऊर्जा मंत्री साद अल-काबी ने ‘फाइनेंशियल टाइम्स’ को दिए एक साक्षात्कार में चेतावनी दी कि युद्ध ‘दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं को ध्वस्त कर सकता है,’ और खाड़ी देशों के ऊर्जा निर्यात में व्यापक रुकावट की भविष्यवाणी की, जिससे तेल की कीमत 150 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक जा सकती है।
Iran Israel War Update: ईरान समर्थित चरमपंथी समूह हिजबुल्ला ने कहा कि उसके लड़ाकों की पूर्वी लेबनान के पहाड़ों में शुक्रवार देर रात उतरे इजराइली बल के साथ झड़प हुई। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि पूर्वी शहर नबी चित और आसपास के इलाकों पर इजराइली हवाई हमलों में 41 लोग मारे गए और 40 घायल हुए। लेबनानी सेना ने कहा कि मृतकों में उसके तीन सैनिक भी शामिल हैं। इजराइली सेना के वहां उतरने और स्थानीय बंदूकधारियों से झड़प के बाद शनिवार की सुबह तक इलाके में भीषण झड़पें और हवाई हमले हुए। इजराइल ने इस संघर्ष को स्वीकार नहीं किया और उसकी सेना ने टिप्पणी के लिए किए गए अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया। इजराइल ने बेरूत के दक्षिणी उपनगरों पर हवाई हमले किए हैं, जहां हिजबुल्लाह की बड़ी मौजूदगी है, लेकिन साथ ही वहां लाखों नागरिक भी रहते हैं। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय का कहना है कि सोमवार से इजराइली हमलों में 200 से अधिक लोग मारे गए हैं और 800 से अधिक घायल हुए हैं।