राम मंदिर की एसआईटी जांच ”दूध का दूध” और ”पानी का पानी” कर देगी : योगी आदित्यनाथ
राम मंदिर की एसआईटी जांच ''दूध का दूध'' और ''पानी का पानी'' कर देगी : योगी आदित्यनाथ
अयोध्या (उप्र), 19 जून (भाषा) उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को समाजवादी पार्टी (सपा) और कांग्रेस पर तीखा हमला बोलते हुए रामभक्तों को भरोसा दिया कि एसआईटी जांच दूध का दूध और पानी का पानी कर देगी।
राम मंदिर के लिए 500 वर्षों के संघर्ष का इतिहास दोहराते हुए योगी ने कहा कि हम लोगों के पूर्वजों ने पांच सौ वर्षों तक प्रभु राम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया है तो 15 दिन और देख लो, चिंता मत करो।”
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को अयोध्या के रुदौली विधानसभा क्षेत्र में 378 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित राजकीय आयुर्वेदिक महाविद्यालय एवं चिकित्सालय समेत 126 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण/शिलान्यास किया।
योगी ने वीरांगना झलकारी बाई की अश्वारोही प्रतिमा का अनावरण करने के बाद समारोह को संबोधित करते हुए कहा, ”प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मार्गदर्शन मे पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने जो प्रगति की है, वह सामाजिक एकता और सबके सामूहिक प्रयासों का परिणाम है।”
अयोध्या में भगवान श्रीराम मंदिर में दान पात्र और वित्तीय प्रबंधन में गड़बड़ी का मामला आने के बाद पहली बार अयोध्या के दौरे पर शुक्रवार को पहुंचे योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ के मंडलायुक्त के नेतृत्व में पिछले दिनों एक तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया है।
योगी ने राम भक्तों को भरोसा देते हुए कहा कि ”मेरी सभी राम भक्तों से अपील होगी कि अयोध्या के बारे में जो समाचार पत्रों में सुनने को मिला, हम लोगों ने ट्रस्ट के अनुरोध पर एसआईटी जांच बिठाई है, इस बात के लिए कह सकता हूं कि एसआईटी जांच दूध का दूध और पानी का पानी करके रहेगी।”
मुख्यमंत्री ने कहा, ”इसमें कोई संदेह नहीं है। लेकिन मैं सभी से अनुरोध करूंगा, सभी पक्षों से कहूंगा कि कोई भी ऐसी अनर्गल टिप्पणी और बातें न हो जो राम भक्तों की भावनाओं को आहत करती हो। अगर किसी के पास कोई साक्ष्य है तो कृपया एसआईटी को उपलब्ध करा दें।”
मुख्यमंत्री ने कहा, ”राम भक्तों से कहना चाहूंगा कि प्रभु राम ने हमें मर्यादा का पाठ पढ़ाया है, मर्यादित रहने का आचरण दिया है और उस मर्यादा का पालन करते हुए हम लोगों के पूर्वजों ने पांच सौ वर्षों तक प्रभु राम के स्थान को लेने के लिए संघर्ष किया है तो 15 दिन और देख लो, चिंता मत करो।”
योगी ने कहा कि पर, आप अयोध्या को बदनाम करने और राम जन्म भूमि मंदिर को अपमानित करने वालों के बहकावें मे कतई न आएं। ये लोग कभी न चाहेंगे कि अयोध्या का काम हो, ये कभी नहीं चाहेंगे कि अयोध्या का सम्मान हो, क्योंकि ये लोग खुद क्षमताविहीन थे ।
मुख्यमंत्री योगी ने पूर्वतर्वी सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि वीरांगना झलकारी बाई की प्रतिमा क्यों लगवाते, उनको कब्रिस्तान की चारदीवारी की सोच से फुर्सत नहीं थी, वे वीरांगना की प्रतिमा कैसे लगवा सकते थे।
योगी ने कहा कि कांग्रेस और सपा कह रही है कि राम भक्तों का अपमान हो गया, तब क्या राम भक्तों का अपमान नहीं हो रहा था जब आपके नेता उच्चतम न्यायालय में बेशर्मी के साथ शपथ पत्र दाखिल करती थी कि ”राम थे ही नहीं।”
भाषा आनन्द मनीषा रंजन
रंजन

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