एमसीडी नौ अस्पतालों का कचरा उनके ही परिसर में निपटाने की पहल शुरू करेगी
एमसीडी नौ अस्पतालों का कचरा उनके ही परिसर में निपटाने की पहल शुरू करेगी
नयी दिल्ली, 19 जून (भाषा) दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) के अस्पतालों में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नौ प्रमुख अस्पतालों में ‘जीरो-वेस्ट-टू-लैंडफिल’ पहल शुरू की जाएगी। इसके तहत कचरे को ‘लैंडफिल’ स्थल पर न ले जाकर अस्पतालों में ही उसका निपटान किया जाएगा।
अधिकारियों ने शुक्रवार को बताया कि एमसीडी ने अपने चार अस्पतालों में कचरा प्रबंधन का सर्वे पूरा करने के बाद यह योजना तैयार की है।
अप्रैल और मई के बीच किए गए शुरुआती सर्वे में हिंदू राव अस्पताल, महर्षि वाल्मीकि संक्रामण रोग अस्पताल (एमवीआईडी), माता गुजरी अस्पताल और स्वामी दयानंद अस्पताल को शामिल किया गया। इन सभी अस्पतालों से हर दिन लगभग 1,700 किलोग्राम ठोस कचरा उत्पन्न होता है।
इसके अलावा पांच अन्य अस्पतालों कस्तूरबा अस्पताल, मिसेज गिरधर लाल मातृत्व अस्पताल, बालक राम अस्पताल, राजन बाबू पल्मोनरी मेडिसिन एंवं ट्यूबरकुलोसिस संस्थान और वीर सावरकर आरोग्य संस्थान में भी शुरुआती सर्वे किए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि सर्वे के आधार पर कचरे की छंटाई, उपयोगी सामग्री निकालने, खाद बनाने और ‘रीसाइक्लिंग’ व्यवस्था को मजबूत बनाने के उपायों की पहचान की गई है।
अधिकारियों ने कहा कि यह परियोजना बेहतर कचरा प्रबंधन के क्षेत्र में काम करने वाले महिलाओं के एक गैर-लाभकारी संगठन के तकनीकी सहयोग से लागू की जा रही है, जिसका उद्देश्य अस्पतालों में होने वाले कचरे का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करना है।
उन्होंने कहा कि इसके तहत कचरा जहां फैला है, वहीं पर उसकी छंटाई की जाएगी, जैविक कचरे का अस्पताल परिसर में ही निपटान किया जाएगा और पुनर्चक्रण योग्य सामग्री को अलग करके दोबारा उपयोग में लाया जाएगा, जिससे ‘लैंडफिल’ स्थलों पर कचरे का बोझ कम होगा।
एमसीडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, ‘हमारा उद्देश्य ऐसा मॉडल तैयार करना है जिसे लंबे समय तक और अन्य जगहों पर भी लागू किया जा सके। सर्वे के जरिए प्रत्येक अस्पताल की जरूरतों और उन उपायों की पहचान की गई है, जिनकी मदद से वहां पर ‘जीरो-वेस्ट-टू-लैंडफिल’ व्यवस्था बनाई जा सकती है।
भाषा जोहेब संतोष
संतोष

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