लिफ्ट लगाने से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करे एमसीडी : केंद्रीय सूचना आयोग
लिफ्ट लगाने से जुड़े रिकॉर्ड सार्वजनिक करे एमसीडी : केंद्रीय सूचना आयोग
नयी दिल्ली, सात जुलाई (भाषा) केंद्रीय सूचना आयोग (सीआईसी) ने दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) को सलाह दी है कि वह आवासीय इमारतों में लिफ्ट लगाने से जुड़ी योजनाओं, भवन नक्शों, मंजूरियों और अन्य संबंधित रिकॉर्ड को सार्वजनिक करे।
सीआईसी ने कहा कि ऐसी सूचनाएं सार्वजनिक महत्व से जुड़ी होती हैं। आयोग ने कहा कि इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और लोगों को अलग-अलग सूचना आवेदन दाखिल करने की जरूरत कम होगी।
सूचना आयुक्त विनोद कुमार तिवारी ने सूचना का अधिकार (आरटीआई) अधिनियम की धारा 25 के तहत जारी एक सलाह में यह बात कही। यह सलाह एक आवासीय अपार्टमेंट परिसर में लिफ्ट लगाने से जुड़े रिकॉर्ड उपलब्ध कराने में देरी को लेकर एमसीडी के लोक सूचना अधिकारी (पीआईओ) के खिलाफ शुरू की गई कारण बताओ कार्यवाही के निपटारे के दौरान दी गई।
आयोग ने कहा कि इस मामले में मांगी गई जानकारी ‘‘आवासीय परिसरों में लिफ्ट लगाने से संबंधित अनुमतियों, मंजूरियों, योजनाओं और अन्य दस्तावेजों’’ से जुड़ी थी, जो व्यापक जनहित और सार्वजनिक महत्व वाले विषय हैं।
सीआईसी ने कहा कि एमसीडी पहले से ही स्वीकृत भवन योजनाओं का स्वत: खुलासा करती है।
आयोग ने कहा, ‘‘अब यह उचित होगा कि इमारतों में लिफ्ट लगाने, जिसमें बाद में बदलाव (रेट्रोफिटिंग/रेट्रो-इंस्टॉलेशन) के जरिए लगाई गई लिफ्ट भी शामिल हैं, उससे संबंधित सूचनाओं का भी स्वत: खुलासा किया जाए।’’
आयोग ने एमसीडी को सलाह दी कि वह आरटीआई अधिनियम की धारा 4(1)(बी) की भावना के अनुरूप लिफ्ट लगाने के लिए दी गई अनुमतियों या मंजूरियों, लागू दिशा-निर्देशों, प्रक्रियाओं, प्रारूपों और संबंधित रिकॉर्ड को सार्वजनिक मंच पर उपलब्ध कराए, ताकि पारदर्शिता को बढ़ावा मिले और व्यक्तिगत आरटीआई आवेदनों की जरूरत कम हो।
यह सलाह उस समय दी गई जब आयोग ने देरी के संबंध में पीआईओ के स्पष्टीकरण को स्वीकार कर लिया और पाया कि देरी के पीछे कोई दुर्भावनापूर्ण मंशा या जानबूझकर सूचना रोकने का प्रयास नहीं था। इसलिए आरटीआई अधिनियम के तहत दंडात्मक कार्रवाई की आवश्यकता नहीं है।
भाषा रवि कांत रवि कांत अविनाश
अविनाश

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