Meenakshi Natarajan Election Commission: चुनाव आयोग से कांग्रेस डेलीगेशन की भेंट.. मीनाक्षी नटराजन बोली, ‘संवैधानिक संस्थाओं पर हमारी उम्मीद बरकरार’.. बताया किस बात की हुई शिकायत..

Ads

Meenakshi Natarajan Election Commission: नामांकन खारिज होने के बाद मीनाक्षी नटराजन ने चुनाव आयोग से मुलाकात कर लोकतांत्रिक संस्थाओं पर भरोसा जताया।

  •  
  • Publish Date - June 10, 2026 / 01:42 PM IST,
    Updated On - June 10, 2026 / 01:46 PM IST

Meenakshi Natarajan Election Commission || Image- PTI News File

HIGHLIGHTS
  • मीनाक्षी नटराजन ने चुनाव आयोग के समक्ष आपत्ति दर्ज कराई।
  • लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा जताया।
  • कांग्रेस ने नामांकन खारिज करने के फैसले को चुनौती दी।

नई दिल्ली: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को चुनाव आयोग ने ख़ारिज कर दिया था। दावा जकिया गया है कि, नटराजन ने तेलंगाना से जुड़े एक आपराधिक प्रकरण की जानकारी अपने नॉमिनेशन में छिपाई थी। (Meenakshi Natarajan Election Commission) हालांकि कांग्रेस का दावा है कि, मीनाक्षी का नाम एफआईआर में नहीं है, ऐसे में इसकी जानकारी नामांकन में नहीं दी गई थी।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े

‘संवैधानिक संस्थाओ पर हमारा विश्वास कायम’ : नटराजन

बहरहाल इस मुद्दे पर आज कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से भेंट की और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इस मुलाकात के बाद मीनाक्षी नटराजन ने मीडिया से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि, संवैधानिक संस्थाओं पर उनकी उम्मीद बनी हुई है, इसलिए ही हम ये लड़ाई लड़ रहे है। हमें लोकतंत्र पर पूरा विश्वास है। लोकतांत्रिक सूचिता बाकी है, तभी लड़ाई लड़ रहे हैं। मीनाक्षी ने आगे बताया कि, चुनाव आयोग ने हमारी सुनवाई की है, हम इंतजार कर रहे है। हमारे तरफ से हमारे लॉयर ने अपनी बात रखी है।

कांग्रेस-भाजपा के बीच शुरू हुआ आरोप-प्रत्यारोप का दौर

भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा पर राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पर्याप्त विधायकों का समर्थन न होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारा। नटराजन ने दावा किया कि यह लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है। (Meenakshi Natarajan Election Commission) उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सीट का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितु पटवारी ने भी फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरी ताकत से संघर्ष करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को राजनीतिक रूप दिया गया है।

कांग्रेस ने किया ट्वीट, कहा, ‘फैसला कानून के खिलाफ’

कांग्रेस ने इस भेंट के बाद बताया कि, राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में चुनाव आयोग से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पार्टी नेताओं ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) का फैसला कानून के खिलाफ है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार उम्मीदवार को तभी किसी आपराधिक मामले की जानकारी देनी होती है, जब अदालत आरोप तय कर चुकी हो और मामले में दो साल से अधिक की सजा का प्रावधान हो। पार्टी ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन के मामले में ऐसी कोई स्थिति नहीं थी।

“कोर्ट ने केवल नोटिस जारी किया था”

कांग्रेस नेताओं ने बताया कि मीनाक्षी नटराजन को केवल अदालत में पेश होने का नोटिस मिला था। यह नोटिस उस चरण का था जब अदालत ने अभी मामले पर संज्ञान भी नहीं लिया था। पार्टी के अनुसार, जब तक अदालत संज्ञान नहीं लेती, तब तक कानून की नजर में कोई आपराधिक मामला अस्तित्व में नहीं माना जाता। (Meenakshi Natarajan Election Commission) कांग्रेस ने कहा कि आरओ के आदेश में “संज्ञान” शब्द का उल्लेख किया गया है, जबकि वास्तव में अदालत ने अभी तक संज्ञान लिया ही नहीं था। ऐसे में नामांकन खारिज करने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता।

चुनाव आयोग से तुरंत हस्तक्षेप की मांग

कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत फैसला लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि नामांकन रद्द करने से चुनाव में बराबरी का माहौल प्रभावित हुआ है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग के पास व्यापक अधिकार हैं और वह इस तरह की गलतियों को सुधार सकता है। पार्टी ने आयोग से अपील की है कि वह इस फैसले को जल्द से जल्द रद्द कर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करे।

IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें

‘लोकतंत्र की मूल भावना पर चोट, संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन’ : अभिषेक मनु सिंघवी

वकील के तौर पर प्रतिनिधिमण्डल में शामिल कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी में इस बारें में कहा कि, “हमने चुनाव आयोग के सामने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने सुश्री नटराजन का नॉमिनेशन इस आधार पर खारिज कर दिया कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है (यानी कोई आपराधिक मामला नहीं है) जिसका खुलासा किया जा सके।”

उन्होंने आगे कहा कि, “चुनाव आयोग के पास न्याय करने और गलतियों को सुधारने की शक्ति है। हमें उम्मीद और भरोसा है कि चुनाव आयोग समझेगा कि इससे (नॉमिनेशन खारिज होने से) समान अवसर नहीं मिल रहे हैं, (Meenakshi Natarajan Election Commission) जो लोकतंत्र की मूल भावना पर चोट है और संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है। हमने उनसे तुरंत फैसला लेने का अनुरोध किया है। हम नाम वापस लेने के दिन आए हैं; अभी काफी समय है। यह पूरी तरह से गलत, साफ तौर पर गैर-कानूनी और बिना किसी कानूनी आधार के लिया गया फैसला है। हमारी मांग है कि इसे तुरंत रद्द किया जाए।”

इन्हें भी पढ़ें:

मोहम्मद सिराज को आराम की सलाह, आयरलैंड और इंग्लैंड दौरे के लिए कृष्णा टीम में शामिल

जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग पर कई वाहन टकराए; बीएसएफ के दो अधिकारी घायल

एलएंडटी श्रमबल संबंधी चुनौतियों से निपटने को लगा रही ‘डिजिटल कर्मचारियों’ पर दांव

अदाणी एनर्जी सॉल्यूशंस स्मार्ट मीटर कंपनी इंटेलिस्मार्ट का 3,050 करोड़ रुपये में अधिग्रहण करेगी

झारखंड के हजारीबाग में अज्ञात बदमाशों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या की

दिल्ली : कापसहेड़ा की झुग्गियों में आग, दमकल की सात गाड़ियां भेजी गईं

Q1. मीनाक्षी नटराजन चुनाव आयोग से क्यों मिलीं?

Ans: राज्यसभा नामांकन खारिज होने के खिलाफ आपत्ति दर्ज कराने और पुनर्विचार की मांग हेतु।

Q2. मीनाक्षी नटराजन ने मीडिया से क्या कहा?

Ans: उन्होंने लोकतंत्र और संवैधानिक संस्थाओं पर विश्वास जताते हुए निष्पक्ष सुनवाई की उम्मीद व्यक्त की।

Q3. कांग्रेस का नामांकन खारिज होने पर क्या पक्ष है?

Ans: कांग्रेस का कहना है कि मीनाक्षी का नाम एफआईआर में नहीं था।