Meenakshi Natarajan Election Commission || Image- PTI News File
नई दिल्ली: मध्य प्रदेश से कांग्रेस की राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन मंगलवार को चुनाव आयोग ने ख़ारिज कर दिया था। दावा जकिया गया है कि, नटराजन ने तेलंगाना से जुड़े एक आपराधिक प्रकरण की जानकारी अपने नॉमिनेशन में छिपाई थी। (Meenakshi Natarajan Election Commission) हालांकि कांग्रेस का दावा है कि, मीनाक्षी का नाम एफआईआर में नहीं है, ऐसे में इसकी जानकारी नामांकन में नहीं दी गई थी।
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बहरहाल इस मुद्दे पर आज कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल ने चुनाव आयोग से भेंट की और अपनी आपत्ति दर्ज कराई। इस मुलाकात के बाद मीनाक्षी नटराजन ने मीडिया से बातचीत भी की। उन्होंने कहा कि, संवैधानिक संस्थाओं पर उनकी उम्मीद बनी हुई है, इसलिए ही हम ये लड़ाई लड़ रहे है। हमें लोकतंत्र पर पूरा विश्वास है। लोकतांत्रिक सूचिता बाकी है, तभी लड़ाई लड़ रहे हैं। मीनाक्षी ने आगे बताया कि, चुनाव आयोग ने हमारी सुनवाई की है, हम इंतजार कर रहे है। हमारे तरफ से हमारे लॉयर ने अपनी बात रखी है।
भोपाल में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मीनाक्षी नटराजन ने भाजपा पर राज्यसभा चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने पर्याप्त विधायकों का समर्थन न होने के बावजूद तीसरा उम्मीदवार उतारा। नटराजन ने दावा किया कि यह लोकतंत्र और संविधान की भावना के खिलाफ है। (Meenakshi Natarajan Election Commission) उन्होंने कहा कि यह सिर्फ एक सीट का मामला नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक व्यवस्था को बचाने की लड़ाई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जितु पटवारी ने भी फैसले की आलोचना करते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर पूरी ताकत से संघर्ष करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को राजनीतिक रूप दिया गया है।
कांग्रेस ने इस भेंट के बाद बताया कि, राज्यसभा उम्मीदवार मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द किए जाने के मामले में चुनाव आयोग से मुलाकात कर अपनी आपत्ति दर्ज कराई है। पार्टी नेताओं ने कहा कि रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) का फैसला कानून के खिलाफ है और इसे तुरंत रद्द किया जाना चाहिए। कांग्रेस का कहना है कि चुनाव आयोग के नियमों के अनुसार उम्मीदवार को तभी किसी आपराधिक मामले की जानकारी देनी होती है, जब अदालत आरोप तय कर चुकी हो और मामले में दो साल से अधिक की सजा का प्रावधान हो। पार्टी ने दावा किया कि मीनाक्षी नटराजन के मामले में ऐसी कोई स्थिति नहीं थी।
कांग्रेस नेताओं ने बताया कि मीनाक्षी नटराजन को केवल अदालत में पेश होने का नोटिस मिला था। यह नोटिस उस चरण का था जब अदालत ने अभी मामले पर संज्ञान भी नहीं लिया था। पार्टी के अनुसार, जब तक अदालत संज्ञान नहीं लेती, तब तक कानून की नजर में कोई आपराधिक मामला अस्तित्व में नहीं माना जाता। (Meenakshi Natarajan Election Commission) कांग्रेस ने कहा कि आरओ के आदेश में “संज्ञान” शब्द का उल्लेख किया गया है, जबकि वास्तव में अदालत ने अभी तक संज्ञान लिया ही नहीं था। ऐसे में नामांकन खारिज करने का कोई कानूनी आधार नहीं बनता।
कांग्रेस ने चुनाव आयोग से इस मामले में तुरंत फैसला लेने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि नामांकन रद्द करने से चुनाव में बराबरी का माहौल प्रभावित हुआ है, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 324 के तहत चुनाव आयोग के पास व्यापक अधिकार हैं और वह इस तरह की गलतियों को सुधार सकता है। पार्टी ने आयोग से अपील की है कि वह इस फैसले को जल्द से जल्द रद्द कर निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करे।
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We had a detailed representation before the Election Commission. We told them, and we demonstrated according to us, beyond doubt and beyond any matter of controversy, that the RO has passed a perverse order.
The Election Commission’s own law, the Representation of the People… pic.twitter.com/LvSKbbCGXv
— Congress (@INCIndia) June 10, 2026
वकील के तौर पर प्रतिनिधिमण्डल में शामिल कांग्रेस सांसद अभिषेक मनु सिंघवी में इस बारें में कहा कि, “हमने चुनाव आयोग के सामने विस्तार से अपनी बात रखी। उन्होंने सुश्री नटराजन का नॉमिनेशन इस आधार पर खारिज कर दिया कि उनके खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं है (यानी कोई आपराधिक मामला नहीं है) जिसका खुलासा किया जा सके।”
उन्होंने आगे कहा कि, “चुनाव आयोग के पास न्याय करने और गलतियों को सुधारने की शक्ति है। हमें उम्मीद और भरोसा है कि चुनाव आयोग समझेगा कि इससे (नॉमिनेशन खारिज होने से) समान अवसर नहीं मिल रहे हैं, (Meenakshi Natarajan Election Commission) जो लोकतंत्र की मूल भावना पर चोट है और संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है। हमने उनसे तुरंत फैसला लेने का अनुरोध किया है। हम नाम वापस लेने के दिन आए हैं; अभी काफी समय है। यह पूरी तरह से गलत, साफ तौर पर गैर-कानूनी और बिना किसी कानूनी आधार के लिया गया फैसला है। हमारी मांग है कि इसे तुरंत रद्द किया जाए।”
#WATCH | Delhi | Congress meets EC over the rejection of the nomination of Madhya Pradesh Congress Rajya Sabha candidate Meenakshi Natrajan
Congress MP Abhishek Manu Singhvi says, “We had a detailed representation to the Election Commission. They have rejected Ms. Natarajan’s… pic.twitter.com/CsxLLL921I
— ANI (@ANI) June 10, 2026
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