शिलांग, 26 अगस्त (भाषा) मेघालय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कई प्रशासनिक और आपदा प्रबंधन सुधारों को मंजूरी दी। इनमें गैर-तकनीकी समूह-सी पदों के लिए साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त करना, आंधी-तूफान और तेज हवाओं को राज्य/स्थानीय आपदा के रूप में अधिसूचित करना तथा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों के लिए क्षेत्र निर्धारण नियमों को मंजूरी देना शामिल है।
मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा की अध्यक्षता में हुई मंत्रिमंडल की बैठक में ये फैसले लिए गए। उन्होंने कहा कि इन उपायों का उद्देश्य सरकारी भर्ती प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना और प्राकृतिक आपदाओं से निपटने के लिए राज्य की तैयारियों को मजबूत करना है।
मंत्रिमंडल ने राज्य सरकार के गैर-तकनीकी समूह-सी पदों पर भर्ती के लिए एक जनवरी 2027 से साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त करने को मंजूरी दी थी।
तकनीकी समूह-सी पदों के लिए साक्षात्कार की व्यवस्था जारी रहेगी। कार्मिक विभाग तकनीकी और गैर-तकनीकी पदों की सूची अधिसूचित करेगा।
यह कदम सरकार के पहले लिए गए उस फैसले के तहत उठाया गया है जिसमें समूह-डी पदों पर भर्ती के लिए साक्षात्कार की व्यवस्था समाप्त कर दी गई थी। साथ ही, यह संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) और राज्य स्तरीय सुधार आयोगों की सिफारिशों के अनुरूप है।
मंत्रिमंडल ने ‘चक्रवात के अलावा आंधी-तूफान’ को राज्य/स्थानीय आपदा के रूप में अधिसूचित करने को भी मंजूरी दी। इससे ऐसी घटनाओं से होने वाले नुकसान से प्रभावित समुदायों को समय पर राहत और सहायता मिल सकेगी।
संगमा ने कहा, ‘‘पिछले कुछ वर्षों में हमने तेज हवाओं और आंधी-तूफान से होने वाले नुकसान में बढ़ोतरी देखी है, जबकि ये घटनाएं चक्रवात की तकनीकी परिभाषा के दायरे में नहीं आती हैं। यह अधिसूचना अधिक स्पष्टता प्रदान करेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि ऐसी घटनाओं से प्रभावित समुदायों को समय पर राहत मिल सके।’’
सरकार ने जिला चयन समितियों द्वारा की जाने वाली भर्ती के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को भी मंजूरी दी, ताकि सभी जिलों में भर्ती प्रक्रियाओं में एकरूपता और पारदर्शिता सुनिश्चित हो तथा निर्धारित भर्ती नियमों का पालन हो।
सरकार ने कहा कि एसओपी को अन्य भर्ती निकायों पर लागू करने से पहले भर्ती प्रक्रिया से जुड़े अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा।
मंत्रिमंडल ने मेघालय पहचान, पंजीकरण (प्रवासी श्रमिकों की सुरक्षा एवं संरक्षा) नियम, 2020 में संशोधन को भी मंजूरी दी। इन संशोधनों में राज्यपाल द्वारा की गई टिप्पणियों को शामिल किया गया है और नियमों के क्रियान्वयन को लेकर अधिक स्पष्टता प्रदान की गई है।
मंत्रिमंडल ने मेघालय बाढ़ क्षेत्र निर्धारण नियम, 2026 को भी मंजूरी दी। ये नियम बाढ़ की आशंका वाले क्षेत्रों में विकास कार्यों और अन्य गतिविधियों को नियंत्रित करने के लिए केंद्र सरकार के निर्देशों के अनुरूप तैयार किए गए हैं।
भाषा देवेंद्र माधव
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