मेघालय: नौवीं कक्षा के छात्र ने गैस रिसाव का पता लगाने वाली प्रणाली बनायी

मेघालय: नौवीं कक्षा के छात्र ने गैस रिसाव का पता लगाने वाली प्रणाली बनायी

मेघालय: नौवीं कक्षा के छात्र ने गैस रिसाव का पता लगाने वाली प्रणाली बनायी
Modified Date: February 15, 2026 / 03:49 pm IST
Published Date: February 15, 2026 3:49 pm IST

शिलांग, 15 फरवरी (भाषा) मेघालय के पूर्वी खासी हिल्स जिले में नौवीं कक्षा के एक छात्र ने गैस रिसाव का पता लगाने और उससे किसी भी तरह के हादसे को रोकने के लिए एहतियाती उपाय शुरू करने वाली एक प्रणाली विकसित की है। इसके लिए उसे ‘नॉर्थ ईस्ट साइंस फेयर एंड इनोवेशन फेस्टिवल’ में जूरी अवार्ड से सम्मानित किया गया है। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी।

राष्ट्रीय विज्ञान संग्रहालय परिषद की गुवाहाटी स्थित इकाई, राष्ट्रीय विज्ञान केंद्र द्वारा आयोजित क्षेत्रीय कार्यक्रम में ‘मावंगप जिला क्रिश्चियन मल्टीपर्पस हायर सेकेंडरी स्कूल’ के छात्र जेम्स डोनाल्ड खारकोंगोर को यह सम्मान मिला।

लैतप्यंटर सिनरंगकबन गांव के निवासी जेम्स के पिता शिक्षक हैं।

इस नवाचार के लिए अपनी प्रेरणा के बारे में जेम्स ने कहा, ‘मैं राष्ट्र निर्माण में मदद के लिए अपने विचारों का योगदान देना चाहता हूं।’

अधिकारियों ने बताया कि यह पुरस्कार परियोजना की व्यावहारिक प्रासंगिकता, तकनीकी एकीकरण और समाज पर पड़ने वाले इसके संभावित प्रभाव को देखते हुए दिया गया है।

अधिकारियों ने बताया कि यह ‘स्मार्ट एलपीजी सेफ्टी एंड हजार्ड प्रिवेंशन सिस्टम’ हवा की गुणवत्ता की निरंतर निगरानी के लिए उन्नत गैस सेंसर का उपयोग करता है और गैस का स्तर सुरक्षित सीमा से अधिक होने पर अलार्म को सक्रिय कर देता है।

उन्होंने बताया कि साथ ही, यह जमा हुई गैस को बाहर निकालने और आग लगने के जोखिम को कम करने के लिए एक स्वचालित एग्जॉस्ट फैन भी सक्रिय कर देता है।

भाषा प्रचेता अमित

अमित


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