शिलांग, 31 मार्च (भाषा) मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा ने मंगलवार को 127 करोड़ रुपये लागत वाली ‘मिशन 1000 दिन’ कार्यक्रम की शुरुआत की, जिसका उद्देश्य बच्चों के पोषण में सुधार करना, उनमें बौनेपन को कम करना और प्रारंभिक बाल्यावस्था विकास को बढ़ावा देना है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
अधिकारियों ने बताया कि यह पहल गर्भधारण से लेकर दो साल की उम्र तक की महत्वपूर्ण अवधि के दौरान माताओं और बच्चों को सहायता प्रदान करेगी, जिसमें मातृ देखभाल को मजबूत करने, उचित पोषण प्रथाओं को बढ़ावा देने और समग्र बाल विकास के लिए शुरुआती प्रोत्साहन सुनिश्चित करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
राज्य सरकार की इस प्रमुख योजना को सामाजिक कल्याण, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण, सामुदायिक एवं ग्रामीण विकास, शिक्षा और योजना विभाग सहित विभिन्न विभागों के समन्वय से लागू किया जाएगा।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार मानव विकास से जुड़ी प्रमुख चुनौतियों, खासकर मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, से निपटने के लिए एक केंद्रित और साक्ष्य-आधारित दृष्टिकोण अपना रही है।
संगमा ने कहा, ‘‘ यह मिशन मोड में चलाया जाने वाला कार्यक्रम है। लोगों की प्रतिक्रिया के आधार पर इसे लगातार बेहतर बनाया जाएगा, ताकि कुपोषण और बौनेपन को समाप्त किया जा सके।’’
संगमा ने कहा कि बच्चे के जीवन के शुरुआती 1,000 दिन उसके शारीरिक और मानसिक विकास के लिए बेहद महत्वपूर्ण होते हैं तथा इस योजना की सफलता के लिए सभी पक्षों के सामूहिक प्रयास जरूरी हैं।
अधिकारियों ने कहा कि इस कार्यक्रम में अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं का का प्रशिक्षण, स्थानीय खाद्य पदार्थों के माध्यम से सामुदायिक पोषण हस्तक्षेप, जागरूकता अभियान और तकनीक के जरिए माताओं व बच्चों की रियल-टाइम निगरानी की जाएगी।
इसके अलावा, योजना में माताओं और नवजात शिशुओं के लिए अतिरिक्त पोषण सहायता, प्रशिक्षण और आवश्यक किट के वितरण का भी प्रावधान किया गया है।
सरकार ने उम्मीद जताई है कि ‘मिशन 1000 दिन’ राज्य में बच्चों के स्वास्थ्य, पोषण और विकास से जुड़े परिणामों में महत्वपूर्ण सुधार लाएगा।
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