शिमला, पांच जनवरी (भाषा) हिमाचल प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में रविवार को ठिठुरन वाली शीत लहर की स्थिति रही और लाहौल स्पीति जिले के ताबो में साल की सबसे ठंडी रात देखी गई, जहां न्यूनतम तापमान शून्य से 10.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
कई स्थानों पर पारा जमाव बिंदु यानी शून्य डिग्री सेल्सियस के आसपास रहा। कुकुमसेरी में न्यूनतम तापमान शून्य से 6.7 डिग्री सेल्सियस नीचे और कल्पा में तापमान शून्य से 4.2 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया, जबकि नारकंडा और सोलन में न्यूनतम तापमान क्रमश: शून्य से 1.5 डिग्री सेल्सियस नीचे और शून्य से 0.6 डिग्री सेल्सियस नीचे दर्ज किया गया।
पालमपुर और सेवबाग में न्यूनतम तापमान सेल्सियस पैमाने पर शून्य दर्ज किया गया, जिसके बाद रिकांगपिओ में 0.1 डिग्री सेल्सियस, कुफरी में 0.4 डिग्री सेल्सियस, शिमला और मनाली में 2.6 डिग्री सेल्सियस, बजौरी में 2.9 डिग्री सेल्सियस और धर्मशाला में 3.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
राज्य के ऊंचाई वाले आदिवासी इलाके और अन्य ऊंचाई वाले इलाके कड़ाके की ठंड की चपेट में हैं।
दूरदराज के आदिवासी इलाकों और ऊंचाई वाले दुर्गम इलाकों के लिए कोई आधिकारिक डेटा उपलब्ध नहीं है, लेकिन न्यूनतम तापमान हिमांक बिंदु से कम से कम 10-12 डिग्री नीचे माना जा रहा है, जिसके परिणामस्वरूप झीलों, झरनों, नालों और बर्फ वाली नदियों की सहायक नदियों जैसे प्राकृतिक जल स्रोत जम जाते हैं।
कोकसर में दो सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई, जबकि कल्पा और गोंदला में भी हिमपात देखा गया।
हालांकि, राज्य के बाकी हिस्सों में मौसम शुष्क रहा। लाहौल और स्पीति के ऊंचाई वाले स्थानों पर बर्फबारी की सूचना है, जबकि चंबा जिले के पांगी के कुछ हिस्सों में नए साल से बर्फबारी हुई है।
स्थानीय मौसम विज्ञान केंद्र ने छह जनवरी को ऊंची पहाड़ियों में अलग-अलग इलाकों में हल्की बारिश या बर्फबारी का पूर्वानुमान व्यक्त किया है तथा छह-सात जनवरी को सोलन, सिरमौर और कांगड़ा जिलों में अलग-अलग स्थानों पर और बिलासपुर, हमीरपुर एवं मंडी जिलों में छह से नौ जनवरी तक घने कोहरे का ‘येलो’ अलर्ट जारी किया है।
भाषा तान्या वैभव
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